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बिहार में विश्वविद्यालय प्रश्नपत्र छापना भूला, अब दोबारा परीक्षा देने आएंगे छात्र
Wed, 24 Apr 2019 03:37 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shilpa Thakur
Updated Wed, 24 Apr 2019 03:37 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
बिहार प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पहले ही बदनाम है, लेकिन अब इसे लेकर एक अलग मामला सामने आया है। यहां तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के 94 छात्र अपनी हिंदी की अंतिम परीक्षा इसलिए नहीं लिख सके क्योंकि प्रश्नपत्र ही नहीं छपे थे।
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जिसके बाद वाइस चांसलर ने हिंदी पोस्ट ग्रेजुएशन डिपार्टमेंट और कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया। ये परीक्षा मार्च के दूसरे सप्ताह में होनी थी। सभी 94 छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही घर लौटना पड़ा। लेकिन अब विश्वविद्यालय परीक्षा के लिए नई तारीख का एलान करेगा। हालांकि अन्य सभी विषयों के प्रश्नपत्र समय पर प्रिंट हो गए थे।
विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन का कहना है कि प्रश्नपत्र उनके पास नहीं आए थे। जिसके चलते वह उनकी छपाई नहीं करा सके। वहीं विश्वविद्यालय के पीआरओ अशोक ठाकुर का कहना है कि एचओडी, हिंदी ने कहा है कि ऐसा सीबीसीएस (क्रेडिट बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) में हुए भ्रम के चलते हुआ है। इसके तहत चौथी परीक्षा में छात्रों को कोई भी विषय चुनने की आजादी होती है।
हिंदी के एचओडी ने कहा है कि प्रश्नपत्रों की छपाई का काम इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि उन्हें ये पता ही नहीं था कि चौथी परीक्षा में छात्रों ने किस विषय को चुना है। इससे पहले उत्तर पुस्तिका की कमी के चलते भी परीक्षा रद्द हो चुकी है। जिसके बाद छात्रों को बीते साल की बची हुई उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी।