बिहार चुनावः सूची अभी आई नहीं और दलों के अंदर बगावत शुरू
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बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा व वामदलों के अलावा किसी दल या गठबंधन ने अभी उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। इसके बाद भी लोजपा, हम, राजद व जदयू जैसे तमाम दलों में बगावती सुर सुनाई देने लगे हैं।
महागठबंधन में पिछले तीन दिनों से सीटों को लेकर मैराथन बैठक चल रही है। ऐसे में सूची जारी होने से पहले ही बृहस्पतिवार को दोपहर अचानक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव दिल्ली चले गए। बताया जा रहा है कि अपने लोगों के टिकट कटने से नाराज शरद ने सूची जारी होने का इंतजार करना उचित नहीं समझा।
वैसे जदयू के प्रदेशाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के बीच जो बातचीत होनी थी, वो हो चुकी है और शुक्रवार तक सूची जारी हो सकती है। सूची जब जारी होगी, तब होगी, लेकिन जदयू और राजद के कुछ विधायक टिकट कटने की आशंका से ही बगावती हो चले हैं।
भोजपुर जिले के जगदीशपुर से राजद विधायक भाई दिनेश को टिकट कटने की आशंका है। उनको सूचना मिली है कि यहां से भगवान सिंह कुशवाहा को मौका दिया जा रहा है।
दिनेश इस फैसले से स्तब्ध हैं। वह कहते हैं कि अगर मेरा टिकट काटा जाता है, तो मैं धरना दूंगा। इसी प्रकार समस्तीपुर जिले से उजियारपुर के राजद विधायक दुर्गा प्रसाद को भी टिकट काटे जाने की आशंका है। उनकी जगह आलोक मेहता को उम्मीदवार बनाए जाने की उन्हें सूचना है। प्रसाद कहते हैं कि ऐसा हुआ तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
लोजपा और जडयू में भी मचा घमासान
डर और आशंका जदयू के विधायकों में भी है। बैद्यनाथ सहनी समस्तीपुर के मोरवा से विधायक हैं। उन्हें भी लग रहा है कि टिकट कट सकता है। महागठबंधन की तरह ही राजग में भी बवाल मचा हुआ है।
सूची से बाहर किए गए पीरपैंती से भाजपा विधायक अमन पासवान ने बृहस्पतिवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद से मुलाकात की। इधर, राजग के एक अन्य घटक दल ‘हम’को देवेंद्र प्रसाद यादव के झटके का प्रभाव मधुबनी में दिखने लगा है। वहां ‘हम’ की पूरी कार्यकारिणी ही देवेंद्र प्रसाद के समर्थन में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
लोजपा की सूची कभी भी आ सकती है, लेकिन पार्टी के छह में से तीन सांसद पार्टी के अंदर अपनी उपेक्षा से नाराज हैं। वैशाली से सांसद रमा सिंह जहां पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं, वहीं मुंगेर से सांसद वीणा देवी और खगड़िया से सांसद महबूब अली कैसर अपनी उपेक्षा का रोना रो रहे हैं।
पार्टी के पूर्व विधायक डब्लू सिंह तो नवीनगर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर चुके हैं। इधर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस बात को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। कहा ये भी जा रहा है कि पार्टी की एक चौथाई सीट पासवान परिवार को ही आवंटित होने से भी नाराजगी पनप रही है।