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बिहार के मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर बोले पासवान, कहा- जो संभव है वह कर रहे हैं

Fri, 28 Jun 2019 05:19 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Gaurav Pandey Updated Fri, 28 Jun 2019 05:19 PM IST
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Ram Vilas Paswan says on deaths in Muzaffarpur that they are doing what is possible
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान - फोटो : एएनआई

मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत के मामले पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने कहा, 'यदि कोई वहां जाता है तो आप इसे नौटंकी कहते हैं, यदि हम नहीं गए तो आप बताइए कि आप उन्हें देखने क्यों नहीं गए। स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर जो हो सकता है वह हम कर रहे हैं।'

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क्या है चमकी बुखार


जिस बुखार की वजह से बिहार के मुजफ्फरपुर में 130 से अधिक बच्चों की और पूरे बिहार में 150 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी हैं, इसे स्थानीय भाषा में चमकी बुखार नाम दिया गया है। इसे इंसेफेलाइटिस भी कहा जाता है। अक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी (एईएस) शरीर के मुख्य नर्वस सिस्टम यानी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और वह भी खासतौर पर बच्चों में। 

इस बीमारी में शुरुआत में तेज बुखार आता है। शरीर में ऐंठन महसूस होती है। इसके बाद शरीर के तंत्रिका संबंधी कार्यों में रुकावट आने लगती है। चक्कर आना, बच्चा बेहोश हो जाता है। दौरे पड़ने लगते हैं। कुछ केस में तो पीड़ित व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की मौत भी हो सकती है। आमतौर पर यह बीमारी जून से अक्टूबर के बीच देखने को मिलती है। 

बचाव के लिए क्या करें 

ऐसे में जब चमकी बुखार के कारणों का ही ठीक से पता नहीं है। इससे बचाव का कोई सटीक उपाय भी नहीं है। हालांकि, कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जारी एडवाइजरी के अनुसार, बच्चे को धूप और गर्मी से बचाकर रखें। पोषक आहार खिलाएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। खाली पेट लीची बिल्कुल नहीं खाएं। 

अगर सुबह उठकर बच्चे को चक्कर आएं या कमजोरी महसूस हो तो उसे तुरंत ग्लूकोज या चीनी घोलकर पिला दें। अगर यह समस्या शुगर लो होने की वजह से हुई होगी तो ग्लूकोज पीने से ठीक हो जाएगी। किसी भी तरह के बुखार या अन्य बीमारी को नजरअंदाज नहीं करें। बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

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