{"_id":"68c2e88b58012714e80bf15d","slug":"bihar-crime-former-president-of-bihar-pfi-arrested-from-kishanganj-had-returned-from-oman-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Crime: किशनगंज से बिहार PFI का पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, ओमान से लौटा था; चुनाव से पहले NIA की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Crime: किशनगंज से बिहार PFI का पूर्व अध्यक्ष गिरफ्तार, ओमान से लौटा था; चुनाव से पहले NIA की कार्रवाई
Thu, 11 Sep 2025 08:49 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 11 Sep 2025 08:49 PM IST
सार
Bihar News: अब तक इस केस में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जनवरी 2025 में एक अन्य आरोपी मोहम्मद सज्जाद आलम को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। उस पर दुबई से PFI को फंड भेजने का आरोप है।
विज्ञापन
एनआईए की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को किशनगंज में एक बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बिहार के पूर्व अध्यक्ष महबूब आलम नदवी को हलीम चौक से गिरफ्तार किया। 39 वर्षीय नदवी कटिहार के हसनगंज के बंशीबाड़ी रामपुर पंचायत का निवासी है।
नदवी मार्च 2025 में ओमान से किशनगंज लौटा था। यहां वह एक निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत था। दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नदवी 2016-17 में बिहार PFI के राज्य अध्यक्ष थे। गौरतलब हो कि, यह मामला 2022 में फुलवारीशरीफ में दर्ज हुआ था। शुरुआत में बिहार पुलिस ने जांच की। बाद में मामला NIA को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि PFI के सदस्य आतंकी गतिविधियां चला रहे थे। वे हथियारों का प्रशिक्षण दे रहे थे। साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे।
पढे़ं: शेखपुरा में दो महीने की गर्भवती महिला के बंध्याकरण का मामला; ऐसे खुली लापरवाही की पोल; हड़कंप
विज्ञापन
अब तक इस केस में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जनवरी 2025 में एक अन्य आरोपी मोहम्मद सज्जाद आलम को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। उस पर दुबई से PFI को फंड भेजने का आरोप है।
एजेंसी को आशंका है कि नदवी संगठन की गुप्त गतिविधियों में शामिल था। वह स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित कर रहा था। NIA टीम नदवी से पूछताछ कर रही है। किशनगंज और आसपास के इलाकों में छापेमारी जारी है। इस मामले में फुलवारीशरीफ थाना प्रभारी के बयान पर 26 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें से 22 लोग अभी भी फरार हैं। एक अन्य आरोपी नोमान की भी तलाश जारी है।
विज्ञापन
नदवी मार्च 2025 में ओमान से किशनगंज लौटा था। यहां वह एक निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत था। दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नदवी 2016-17 में बिहार PFI के राज्य अध्यक्ष थे। गौरतलब हो कि, यह मामला 2022 में फुलवारीशरीफ में दर्ज हुआ था। शुरुआत में बिहार पुलिस ने जांच की। बाद में मामला NIA को सौंप दिया गया। जांच में पता चला कि PFI के सदस्य आतंकी गतिविधियां चला रहे थे। वे हथियारों का प्रशिक्षण दे रहे थे। साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रच रहे थे।
विज्ञापन
पढे़ं: शेखपुरा में दो महीने की गर्भवती महिला के बंध्याकरण का मामला; ऐसे खुली लापरवाही की पोल; हड़कंप
विज्ञापन
अब तक इस केस में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। जनवरी 2025 में एक अन्य आरोपी मोहम्मद सज्जाद आलम को दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। उस पर दुबई से PFI को फंड भेजने का आरोप है।
एजेंसी को आशंका है कि नदवी संगठन की गुप्त गतिविधियों में शामिल था। वह स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित कर रहा था। NIA टीम नदवी से पूछताछ कर रही है। किशनगंज और आसपास के इलाकों में छापेमारी जारी है। इस मामले में फुलवारीशरीफ थाना प्रभारी के बयान पर 26 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें से 22 लोग अभी भी फरार हैं। एक अन्य आरोपी नोमान की भी तलाश जारी है।