इंटर्न से अश्लील हरकत का विरोध: पटना में सड़क पर उतरे लॉ छात्र, आरोपी की जमानत और लाइसेंस रद्द करने की मांग
लॉ के छात्र भी बुधवार को पटना की सड़क पर उतर आए। सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरे लॉ स्टूडेंट एक इंटर्न लॉ छात्रा से अश्लील हरकत में गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर रिहा सीनियर एडवोकेट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
विस्तार
बुधवार का दिन राजधानी पटना में भीषण ठंड के बीच गरमी का एहसास कराने वाला रहा। बीएसएससी परीक्षार्थियों पर लाठीचार्ज का मामला ठंडाने के पहले ही लॉ के छात्र सड़क पर उतर आए। सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरे लॉ स्टूडेंट एक इंटर्न लॉ छात्रा से अश्लील हरकत में गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर रिहा सीनियर एडवोकेट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं की मांग है कि आरोपी एडवोकेट का लाइसेंस भी रद्द किया जाए और जमानत रद्द कर पुलिस उन्हें गिरफ्त में ले। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का नारा गूंज रहा- "पुलिस-प्रशासन ध्यान दो, वह तुम्हारी बेटी है।"
जबरन ऑफिस में बंद कर अश्लील हरकत
पिछले महीने पटना की शास्त्रीनगर पुलिस ने पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट निरंजन सिंह को उनके निवास स्थल गजाधर कैलाश अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। लॉ की एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि 25 दिनों के इंटर्नशिप के अंतिम दिन सीनियर वकील ने उसके दोस्त को नीचे भेज दिया और जबरन ऑफिस में अपने पास बिठा लिया। फिर दरवाजा बंद करने कहा तो छात्रा ने आपत्ति जताई।
लॉ छात्रों को सीनियर वकीलों का भी मिला साथ
बुधवार को हाईकोर्ट के पास लॉ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई सीनियर वकील भी पहुंचे। सीनियर एडवोकेट अलका वर्मा ने बताया कि कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया के लिए जांच और पूछताछ हो रही है। बार काउंसिल कार्रवाई कर रही है। एक कमिटी बनाई गई है। लेकिन, यह प्रदर्शन जरूरी था। गलत के खिलाफ आवाज उठाने वाले भविष्य के वकील आगे आ रहे हैं तो इसपर सभी को साथ देना चाहिए।
आरोप, वकील ने खूबसूरत कह गले लगाया था
एफआईआर में छात्रा ने लिखा था, वकील ने मुझे बहुत खूबसूरत बताते हुए गले लगा लिया। फिर आई लव यू भी बोला और यह भी कहा- "इसी कारण मैं आपको रोज देर तक ऑफिस में रोकता था।" छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि सीनियर उसे जबरन बेडरूम मे ले जा रहे थे, कहने लगे- "डरो मत, यही गुरुदक्षिणा है।" किसी तरह वह निकल सकी और दोस्त व आसपास के लोगों की मदद से थाने पहुंची। बुधवार को प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि इंटर्नशिप के लिए गाइडलाइन का होना जरूरी है। छात्रा आयुषी सिन्हा, सत्यम राज आदि ने कहा कि इस तरह के केस में जमानत मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपी को सजा देकर सीख दी जानी चाहिए।