बिहार: मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण की तैयारी तेज, 1.41 करोड़ का ई-टेंडर जारी
पूर्व मध्य रेलवे ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी समेत कई रेलखंडों पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण से संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का ई-टेंडर जारी किया है। सर्वेक्षण और डिजाइनिंग का काम 36 महीने में पूरा किया जाएगा।
विस्तार
पूर्व मध्य रेलवे ने समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी सहित कई प्रमुख रेलखंडों पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण से संबंधित तकनीकी तैयारियों की दिशा में पहल की है। समस्तीपुर मंडल के उप मुख्य विद्युत अभियंता (निर्माण-उत्तर) कार्यालय ने 132 केवी एक्स्ट्रा हाईटेंशन (ईएचटी) लाइनों के सर्वेक्षण, डिजाइनिंग और ओवरहेड उपकरणों से जुड़े कार्यों के लिए 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का ई-टेंडर जारी किया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए 36 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर तकनीकी तैयारी
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण से संबंधित कार्यों के लिए रेलवे तकनीकी तैयारियों पर जोर दे रहा है। इस निविदा के तहत ओवरहेड उपकरण (ओएचई) और पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन (पीएसआई) से संबंधित डिजाइन तैयार किए जाएंगे। चयनित एजेंसी वायरिंग डायग्राम, पावर सप्लाई डायग्राम और पैगिंग प्लान बनाएगी। इन तकनीकी दस्तावेजों के आधार पर रेलवे विद्युत व्यवस्था और निर्माण कार्यों से संबंधित आगामी योजनाओं को अंतिम रूप देगा।
132 केवी लाइनों का होगा सर्वेक्षण
परियोजना के तहत एजेंसी ग्रिड सब-स्टेशन से ट्रैक्शन सब-स्टेशनों तक जाने वाली 132 केवी एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का विस्तृत सर्वेक्षण करेगी। इसमें इन लाइनों के मार्ग का अध्ययन कर आवश्यक तकनीकी योजनाएं तैयार की जाएंगी। इसके अलावा, रेलवे ट्रैक और ओवरहेड उपकरणों को प्रभावित करने वाली ईएचटी लाइन क्रॉसिंग की पहचान भी की जाएगी। सर्वेक्षण और डिजाइन का काम पूरा होने के बाद रेलवे को आगे की तकनीकी और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं में मदद मिलेगी।
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अन्य रेलखंड भी परियोजना में शामिल
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड के अलावा निविदा में नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी, मानसी-खगड़िया और गोल्डिंगंज-कटिहार रेलखंडों को भी शामिल किया गया है। इन सभी रेलखंडों पर विद्युत लाइनों, ईएचटी क्रॉसिंग और संबंधित तकनीकी पहलुओं का सर्वेक्षण एवं डिजाइनिंग की जाएगी। इससे संबंधित रेलखंडों पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी आधार तैयार होगा।
36 महीने में पूरा करना होगा काम
रेलवे ने सर्वेक्षण, डिजाइनिंग और विद्युत आपूर्ति से संबंधित योजनाएं तैयार करने के लिए 36 महीने की समयसीमा निर्धारित की है। चयनित एजेंसी को इस अवधि में निर्धारित कार्य पूरे करने होंगे। रेलवे के अनुसार, निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।