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Praveen Togadia : मोहन भागवत पर भड़के तोगड़िया, कहा- भगवान के लिखे ग्रंथों की समीक्षा मानव कैसे कर सकता है!
Sat, 04 Mar 2023 02:36 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति
Updated Sat, 04 Mar 2023 02:36 PM IST
सार
Mohan Bhagwat RSS : हिंदुवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हिंदू ग्रंथ स्वयं भगवान ने ही लिखे थे और इसकी समीक्षा कराने का संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान बेहद दु:खद है। क्या मुसलमान के किसी ग्रंथों की समीक्षा की बात अब तक किसी ने कही है।
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पटना में प्रवीण तोगड़िया से अमर उजाला की विशेष बातचीत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ग्रंथों की समीक्षा वाले बयान पर हिंदुवादी नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि यह बहुत ही दु:खद है कि कोई ग्रंथों की समीक्षा की बात कहता है। ग्रंथ तो स्वयं भगवान ने ही लिखे थे। फिर इसकी समीक्षा कैसे की जा सकती है! क्या मुसलमान के किसी ग्रंथों की समीक्षा की बात अब तक किसी ने कही है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद् के संस्थापक अध्यक्ष तोगड़िया ने कहा- "संघ प्रमुख का यह बयान आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर दिया हुआ प्रतीत होता है। मैं भी संघ में काफी वर्षों तक रहा हूं, लेकिन आज तक किसी ने ऐसी बात नहीं कही। इस तरह का बयान आपत्तिजनक है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।"
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जिन्होंने हमपर अत्याचार किया, उनके सामने घुटने टेके
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार करते हुए प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि मैं बहुत दुखी हूं। मैं 10 साल की उम्र से स्वयंसेवक रहा हूं। तृतीय वर्ग को काफी साल प्रशिक्षित करने जाता रहा। कभी किसी ने हमारे धर्म ग्रंथों की समीक्षा की बात नहीं कही। यदि कोई मस्जिद चले जाते हैं तो यह बात उनके सामने घुटने टेकने के बराबर है, जिन्होंने हमपर अत्याचार किया। कोई औरंगजेब और गजनी से डीएनए मिला ले तो हद है। कोई हमारे धर्मग्रन्थों के मूल्यांकन की बात कर रहे हैं। यह हिन्दू धर्म पर चोट किया जा रहा है। आज तक किसी मुसलमान ने अपने धर्म ग्रन्थ के मूल्यांकन की नहीं है।
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मोहन भागवत
- फोटो : Self
इस तरह के बयान से हिन्दुओं की भावना को ठेस पहुंचती है
कोई धर्मग्रंथ के समीक्षा की बात कर रहे तो कोई जातियों के पुराने घाव को ताजा करते हैं कोई रामचरितमानस की बात निकालते हैंं। इससे हिन्दुओं की भावना को ठेस पहुंचती है। जब मुगल हमारी श्रद्धा को मिटा नहीं पाए तो किसी के कहने से हिन्दुओं की आस्था एक इंज खिसकने वाली नहीं है। हमने राम मंदिर भी बना लिया और हिन्दुओं को मिलाकर आगे भी ले जाएंगे। प्रवीण तोगड़िया ने हिन्दू राष्ट्र वाले मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दु राष्ट्र था, आज भी है, अनंत काल तक रहेगा। उन्होंने लव जिदाद के बारे में कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। इसपर एंटी लव जिहाद कानून बनाना चाहिए।
जानिए, क्या नागपुर में क्या कहा संघ प्रमुख मोहन भागवत ने
दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में संबोधन देते हुए कहा था कि हमारे यहां पहले ग्रंथ नहीं थे। मौखिक परंपरा से चलता आ रहा था। बाद के समय में ग्रंथ इधर-उधर हो गए और कुछ स्वार्थी लोगों ने ग्रंथ में कुछ-कुछ घुसाया जो गलत है। उन ग्रंथों, परंपराओं के ज्ञान की फिर एक बार समीक्षा जरूरी है। मोहन भागवत के यह बयान काफी चर्चा में है।
कोई धर्मग्रंथ के समीक्षा की बात कर रहे तो कोई जातियों के पुराने घाव को ताजा करते हैं कोई रामचरितमानस की बात निकालते हैंं। इससे हिन्दुओं की भावना को ठेस पहुंचती है। जब मुगल हमारी श्रद्धा को मिटा नहीं पाए तो किसी के कहने से हिन्दुओं की आस्था एक इंज खिसकने वाली नहीं है। हमने राम मंदिर भी बना लिया और हिन्दुओं को मिलाकर आगे भी ले जाएंगे। प्रवीण तोगड़िया ने हिन्दू राष्ट्र वाले मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दु राष्ट्र था, आज भी है, अनंत काल तक रहेगा। उन्होंने लव जिदाद के बारे में कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। इसपर एंटी लव जिहाद कानून बनाना चाहिए।
जानिए, क्या नागपुर में क्या कहा संघ प्रमुख मोहन भागवत ने
दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में संबोधन देते हुए कहा था कि हमारे यहां पहले ग्रंथ नहीं थे। मौखिक परंपरा से चलता आ रहा था। बाद के समय में ग्रंथ इधर-उधर हो गए और कुछ स्वार्थी लोगों ने ग्रंथ में कुछ-कुछ घुसाया जो गलत है। उन ग्रंथों, परंपराओं के ज्ञान की फिर एक बार समीक्षा जरूरी है। मोहन भागवत के यह बयान काफी चर्चा में है।