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दिल्ली-एनसीआर में प्रोपर्टी बना रहे बिहार के नेता
पटना/अतुल बरतरिया
Updated Sat, 16 Mar 2013 02:25 PM IST
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लगता है कि बिहार के अफसरों और नेताओं को दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा खासी रास आ रही है। यही वजह है कि इन लोगों ने एनसीआर में ही अपने आशियाने बनाना पसंद किया है। इसका खुलासा राज्य सरकार के पास जमा कराए गए संपत्ति के ब्यौरे से हुआ है।
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पहले बात अफसरों की। बिहार कैडर के आईएएस शशिकांत केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर बतौर प्रतिरक्षा सचिव तैनात हैं। नोएडा में इनके और इनकी पत्नी के संयुक्त नाम से 300 गज जमीन है। अहम बात यह भी है कि 1.43 करोड़ कीमत वाली इस जमीन के किराए से ही सालाना 48 लाख रुपये की आय हो रही है।
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सूबे के विकास आयुक्त फूल सिंह का यूं तो गाजियाबाद में ही एक पुश्तैनी आवास है, लेकिन उन्होंने ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट भी खरीद रखा है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव रामेश्वर सिंह ने नोएडा, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने गाजियाबाद और स्टेट प्लानिंग बोर्ड के मुख्य सलाहकार डॉ. अनिल कुमार ने भी ग्रेटर नोएडा में अपना आशियाना बना लिया है।
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इस मामले में नेताजी भी पीछे नहीं हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली के संसद विहार में एक आशियाना बना रखा है तो उनके नायब डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने गौतमबुद्ध नगर में अपने और अपनी पत्नी के नाम से फ्लैट खरीदा है। कैबिनेट मंत्री चंद्र मोहन राय का ग्रेटर नोएडा में अपना फ्लैट है तो कैबिनेट मंत्री परवीन अमानुल्लाह ने दिल्ली के मयूर विहार में आशियाना बनाया है।
इसी तरह कैबिनेट मंत्री नीतीश मिश्रा ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम में और कैबिनेट मंत्री सुखदा मिश्रा ने गुड़गांव के पालम विहार में मकान खरीदा है। इसके अलावा कई अन्य विधायकों और नेताओं ने भी दिल्ली-एनसीआर में अपने रिहायशी ठिकाने बना रखे हैं।
यहां बता दें कि बिहार सरकार ने सीएम, डिप्टी सीएम समेत सभी मंत्रियों और विधानमंडल के दोनों सदनों के सभी सदस्यों के लिए अपनी और अपने परिवार की सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा हर साल जमा करने का नियम बनाया है। इसी तरह लिपिक से लेकर मुख्य सचिव तक को भी अपनी संपत्तियों के बारे में सालाना एफिडेविट देना होता है।