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Bihar: नालंदा में निगरानी का बड़ा एक्शन, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिका 3200 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
Wed, 06 May 2026 04:38 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 04:38 PM IST
सार
Bihar News: नालंदा के नगरनौसा में निगरानी ब्यूरो ने आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी को 3,200 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सेविका की शिकायत पर कार्रवाई हुई। घटना के बाद प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया। पढ़ें पूरी खबर...
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नगरनौसा प्रखंड कार्यालय
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को ब्यूरो की टीम ने आंगनवाड़ी महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) सुषमा कुमारी को 3200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया।
सरकारी कार्य कराने के बदले में मांगी रिश्वत
मामले की शुरुआत नगरनौसा क्षेत्र के कंचन भवन वन, केंद्र संख्या 28 (वार्ड संख्या 3) की सेविका बेबी कुमारी की शिकायत से हुई। उन्होंने निगरानी ब्यूरो को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी पोषाहार पंजी में हस्ताक्षर करने और अन्य जरूरी सरकारी कार्यों को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग कर रही हैं।
20 प्रतिशत कमीशन मांगा
शिकायत के अनुसार, आरोपित ने कुल 15,747 रुपये की राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में मांगा था। इतना ही नहीं, हर महीने 3200 रुपये अतिरिक्त नजराना देने का भी दबाव बनाया जा रहा था। लगातार हो रही इस मांग से परेशान होकर सेविका ने निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया।
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सात सदस्यीय टीम गठित की गई
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक शशि शेखर चौधरी के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और बुधवार को जैसे ही सेविका ने तय रकम सुषमा कुमारी को सौंपी, पहले से तैयार टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
ये भी पढ़ें- Bihar : अनंत सिंह को अब कौन-कैसे बचाएगा? हर बार जेल जाकर निकल रहे; इस बार क्या होगा?
इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार सहित कई अधिकारी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद टीम ने नगरनौसा स्थित उनके आवासीय परिसर में ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी को आगे की पूछताछ और कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से बाल विकास परियोजना कार्यालय (सीडीपीओ) समेत पूरे प्रखंड मुख्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देख रहे हैं।
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सरकारी कार्य कराने के बदले में मांगी रिश्वत
मामले की शुरुआत नगरनौसा क्षेत्र के कंचन भवन वन, केंद्र संख्या 28 (वार्ड संख्या 3) की सेविका बेबी कुमारी की शिकायत से हुई। उन्होंने निगरानी ब्यूरो को लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया था कि पर्यवेक्षिका सुषमा कुमारी पोषाहार पंजी में हस्ताक्षर करने और अन्य जरूरी सरकारी कार्यों को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग कर रही हैं।
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20 प्रतिशत कमीशन मांगा
शिकायत के अनुसार, आरोपित ने कुल 15,747 रुपये की राशि का 20 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में मांगा था। इतना ही नहीं, हर महीने 3200 रुपये अतिरिक्त नजराना देने का भी दबाव बनाया जा रहा था। लगातार हो रही इस मांग से परेशान होकर सेविका ने निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया।
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सात सदस्यीय टीम गठित की गई
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक शशि शेखर चौधरी के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और बुधवार को जैसे ही सेविका ने तय रकम सुषमा कुमारी को सौंपी, पहले से तैयार टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
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इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार सहित कई अधिकारी शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद टीम ने नगरनौसा स्थित उनके आवासीय परिसर में ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी को आगे की पूछताछ और कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से बाल विकास परियोजना कार्यालय (सीडीपीओ) समेत पूरे प्रखंड मुख्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देख रहे हैं।