बिहार: चार साल बाद मिला पत्नी की हत्या का इंसाफ, पति को आजीवन कारावास; पिता ने ही दर्ज कराया था केस
रोहतास जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र के टीपा गांव में पंकज सिंह ने लगभग चार वर्ष पूर्व अपनी पत्नी ज्योति सिंह को फोन पर बात करने से नाराज होकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। पिता के आवेदन पर केस हुआ और अब कोर्ट ने पति को सजा सुनाई है।
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रोहतास जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी करार दिए गए पति के खिलाफ शुक्रवार को अदालत ने सख्त फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले के एकमात्र अभियुक्त पंकज सिंह को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, विभिन्न धाराओं के तहत उस पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
फोन पर बात करने से नाराज था पति
घटना 18 फरवरी 2022 को नौहट्टा थाना क्षेत्र के टीपा गांव में हुई थी। बताया जाता है कि मृतका ज्योति सिंह फोन पर किसी से बात कर रही थी। इसी बात से नाराज होकर उसके पति पंकज सिंह ने शक के आधार पर अपनी पत्नी के सिर में देसी कट्टे से गोली मार दी, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बता दें कि झारखंड के जपला की रहने वाली ज्योति सिंह की शादी वर्ष 2020 में पंकज सिंह से हुई थी। दोनों की एक बेटी भी है।
पिता ने दी पुलिस को सूचना
मामले में आरोपी पंकज सिंह के पिता राजेश्वर सिंह ने ही घटना की जानकारी पुलिस को दी थी और अपने पुत्र के खिलाफ नौहट्टा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंकज सिंह को एक देसी कट्टा और खोखे के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले में दस गवाहों की गवाही
इस मामले में सासाराम के अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी चंद्र विकास ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई थी। इसके बाद अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-14 प्रहलाद कुमार की अदालत ने अभियुक्त पंकज सिंह को हत्या और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए अर्थदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

सासाराम व्यवहार न्यायालय- फोटो : सांकेतिक