BPSC Protest: पटना पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे प्रशांत किशोर को किया गिरफ्तार, धरना स्थल कराया खाली
पटना पुलिस ने सोमवार तड़के जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर को गिरफ्तार कर लिया। पीके 2 जनवरी से बीपीएससी परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे।
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बता दें कि प्रशांत किशोर 2 जनवरी से बीपीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ अनशन कर रहे थे और बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में थे। इसको लेकर पुलिस ने उन्हें एंबुलेंस में बैठाया और हिरासत में लिया। हिरासत में लेने से पहले किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी 7 जनवरी को हाईकोर्ट में इस मामले पर याचिका दायर करेगी।
पुलिस और छात्रों के बीच दिखा संघर्ष
पुलिस द्वारा प्रशांत किशोर को हिरासत में लेने के पहल को देखते ही प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशांत किशोर को घेर लिया। इससे वीडियो में साफ पता चल रहा है कि छात्र और पुलिस बलों में जोर-जबरदस्ती हुई और आखिरकार पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
#WATCH | BPSC protest | Bihar: Patna Police detains Jan Suraaj chief Prashant Kishor who was sitting on an indefinite hunger strike at Gandhi Maidan pic.twitter.com/cOnoM7EGW1
— ANI (@ANI) January 5, 2025
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को कराया खाली
पुलिस ने प्रशांत किशोर को हिरासत में लेने के बाद गांधी मैदान में उस स्थान को भी खाली करा लिया, जहां प्रशांत किशोर प्रदर्शनकारियों के साथ अनशन पर बैठे थे। इसके साथ ही पुलिस ने गांधी मैदान से निकलने वाले वाहनों की भी जांच की।
7 तारीख को हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा जन सुराज
पुलिस द्वारा हिरासत में लेने से पहले जनसुराज प्रमुख प्रसांत किशोर ने कहा कि हम जो कर रहे हैं, वह जारी रहेगा। 7 तारीख को हम हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इससे पहले, रविवार को उन्होंने तेजस्वी यादव से इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने का आग्रह किया, क्योंकि वे विपक्ष के नेता हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति को अलग रखकर, छात्रों के मुद्दों पर बात होनी चाहिए और वे (तेजस्वी यादव) विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करें।
छात्र कर रहे परीक्षा रद्द करने की मांग
गौरलतब है कि छात्र 13 दिसंबर को बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा के पेपर लीक के कारण परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर बिहार की सियासत में गर्माहट अपने चरम पर है। इस मामले में तेजस्वी यादव ने भी भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर बीपीएससी विरोध का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि विरोध में शामिल लोग भाजपा की बी टीम हैं और यह आंदोलन स्वतंत्र होना चाहिए और इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।