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Bihar News: बिहार में एक लाख से अधिक लोगों की आंखों की जांच हुई, लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त चश्मा
Tue, 12 May 2026 11:01 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 11:01 PM IST
सार
बिहार में 101 अनुमंडलों के बुनियाद केंद्रों पर चले मुफ्त नेत्र जांच अभियान में 1.21 लाख लोगों की आंखों की जांच हुई। इनमें 1 लाख से ज्यादा लोगों को चश्मे की जरूरत पाई गई। अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त चश्मा वितरित किया जा चुका है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बिहार सरकार द्वारा चलाए गए मुफ्त नेत्र जांच अभियान के तहत राज्यभर में 1 लाख 21 हजार 365 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान 1 लाख 3 हजार 864 लोगों को चश्मे की जरूरत पाई गई है। इन सभी लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा।
तीन चरणों में आयोजित होगा विशेष अभियान
समाज कल्याण विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान 23 मार्च से 11 मई तक राज्य के 101 अनुमंडलों में संचालित बुनियाद केंद्रों पर चलाया गया। तीन चरणों में आयोजित इस विशेष अभियान का सोमवार को समापन हो गया।
अब तक 35 हजार से अधिक लोगों को मिला चश्मा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नेत्र जांच के 15 दिनों के भीतर लाभार्थियों को चश्मा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में अब तक 35 हजार से अधिक लोगों के बीच चश्मे का वितरण किया जा चुका है। अभियान का उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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पूर्वी चंपारण और पटना में सबसे ज्यादा लाभार्थी
सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी चंपारण जिले में सबसे अधिक 7 हजार 199 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें 6 हजार 332 लोगों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई। वहीं पटना में 7 हजार 196 लोगों की जांच हुई, जिनमें 6 हजार 352 लोगों को चश्मा दिए जाने की जरूरत सामने आई। इसके अलावा सुपौल में 5 हजार 114 और पूर्णिया में 4 हजार 360 लोगों को चश्मे की जरूरत पाई गई।
ये भी पढ़ें- Bihar News: जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान असम राइफल्स जवान की मौत, बेटे की शहादत से गांव में पसरा मातम
23 मार्च से शुरू हुआ था अभियान
इस विशेष अभियान का पहला चरण 23 मार्च से शुरू हुआ था। दूसरा चरण 30 मार्च और तीसरा चरण 5 अप्रैल से संचालित किया गया। सभी बुनियाद केंद्रों पर नियमित नेत्र जांच शिविर लगाए गए, जहां विशेषज्ञों ने लाभार्थियों की जांच की। राज्य स्वास्थ्य समिति की सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से चश्मा तैयार कर लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है। अभियान के जरिए दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान कर समय रहते समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
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तीन चरणों में आयोजित होगा विशेष अभियान
समाज कल्याण विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान 23 मार्च से 11 मई तक राज्य के 101 अनुमंडलों में संचालित बुनियाद केंद्रों पर चलाया गया। तीन चरणों में आयोजित इस विशेष अभियान का सोमवार को समापन हो गया।
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अब तक 35 हजार से अधिक लोगों को मिला चश्मा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नेत्र जांच के 15 दिनों के भीतर लाभार्थियों को चश्मा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में अब तक 35 हजार से अधिक लोगों के बीच चश्मे का वितरण किया जा चुका है। अभियान का उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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पूर्वी चंपारण और पटना में सबसे ज्यादा लाभार्थी
सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी चंपारण जिले में सबसे अधिक 7 हजार 199 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें 6 हजार 332 लोगों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई। वहीं पटना में 7 हजार 196 लोगों की जांच हुई, जिनमें 6 हजार 352 लोगों को चश्मा दिए जाने की जरूरत सामने आई। इसके अलावा सुपौल में 5 हजार 114 और पूर्णिया में 4 हजार 360 लोगों को चश्मे की जरूरत पाई गई।
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23 मार्च से शुरू हुआ था अभियान
इस विशेष अभियान का पहला चरण 23 मार्च से शुरू हुआ था। दूसरा चरण 30 मार्च और तीसरा चरण 5 अप्रैल से संचालित किया गया। सभी बुनियाद केंद्रों पर नियमित नेत्र जांच शिविर लगाए गए, जहां विशेषज्ञों ने लाभार्थियों की जांच की। राज्य स्वास्थ्य समिति की सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से चश्मा तैयार कर लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है। अभियान के जरिए दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान कर समय रहते समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।