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गुनगुन हार गई जिंदगी की जंग: 10 दिनों के संघर्ष के बाद PMCH में तोड़ा दम, तीन हत्याओं की कड़ी से जुड़ा मामला
Mon, 10 Feb 2025 02:48 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 10 Feb 2025 02:48 PM IST
सार
Motihari News: पुलिस ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही हत्यारा पुलिस की गिरफ्त में होगा। गुनगुन की हत्या के पीछे जो भी है, उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के पास कई पुख्ता सबूत हैं और आरोपी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
मोतिहारी जिले में जमीनी विवाद ने अब तक कई जिंदगियां छीन ली हैं। लेकिन इस बार इस दुश्मनी की आग में एक 11 साल की मासूम गुनगुन की जान चली गई। दस दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद आखिरकार मासूम गुनगुन ने पटना के पीएमसीएच में दम तोड़ दिया। इस घटना ने न सिर्फ पूरे इलाके को हिला दिया है बल्कि, कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं- जैसे गुनगुन की हत्या किसने की? आरोपी कौन हैं? और क्या पुलिस सही दिशा में जांच कर रही है?
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जमीन विवाद में हत्या से जुड़ी यह घटना?
गुनगुन की हत्या सिर्फ एक साधारण घटना नहीं है, बल्कि यह पिछले पांच वर्षों से चले आ रहे एक पुराने जमीनी विवाद का हिस्सा है। साल 2020 में शंभू यादव की हत्या हुई, जिसमें गुनगुन के पिता जयप्रकाश यादव को आरोपी बनाया गया था। जबकि 2021 में जयप्रकाश यादव पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें उन्हें गोली मारी गई। वहीं, 2025 में गुनगुन पर हमला हुआ, जिससे उसकी जान चली गई। ये तीनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई लगती हैं। लेकिन इस पूरे विवाद में कौन दोषी है और कौन निर्दोष? यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
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गुनगुन पर हमला कैसे हुआ?
जानकारी के मुताबिक, घटना 28 जनवरी की रात की है। गुनगुन अपने माता-पिता और भाई के साथ अपने घर में सोई हुई थी। इसी दौरान किसी ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गुनगुन गंभीर रूप से घायल हो गई। परिवार वालों ने उसे मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उसे पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जहां 10 दिन तक संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई।
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पुलिस के मौके पर पहुंचने पर उठे कई सवाल
इस घटना को लेकर पुलिस जांच में कई सवाल उठ रहे हैं। मसलन, जब पूरा परिवार एक ही बेड पर सो रहा था, तो हमला सिर्फ गुनगुन पर ही क्यों हुआ? हमला करने वाला घर में कैसे घुसा और बाहर कैसे निकल गया? गुनगुन पर हमला करने के पीछे असली मकसद क्या था?
पुलिस को गुनगुन के पिता पर भी शक
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई गुनगुन के पिता और चाचा पर भी जाने लगी। कोटवा थाना पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त गुनगुन के पिता अपने घर के बगल के कमरे में मौजूद थे, लेकिन पुलिस के आने के आधे घंटे बाद भी वे मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं, गुनगुन के चाचा ने पुलिस पर हत्यारों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि गुनगुन की हत्या के पीछे दरोगा राय का हाथ है, जो 2020 में मारे गए शंभू यादव के परिवार से जुड़े हैं।
दरोगा राय पर क्यों लग रहे हैं आरोप?
गुनगुन के परिजनों ने कोटवा पुलिस को एक फर्द बयान भेजा है, जिसमें दरोगा राय पर गुनगुन की किडनैपिंग और हमला करने का आरोप लगाया गया है। दरअसल, दरोगा राय वही व्यक्ति हैं जिनके चाचा की हत्या 2020 में हुई थी और जिसका आरोप गुनगुन के पिता पर लगा था। इसके बाद 2021 में गुनगुन के पिता को गोली मारी गई, जिसमें दरोगा राय आरोपी थे। अब गुनगुन की हत्या का आरोप भी उन्हीं पर लग रहा है। पुलिस का मानना है कि गुनगुन की हत्या और दरोगा राय के चाचा के हत्या के मुकदमे के बीच कोई गहरा संबंध है।
इधर, गुनगुन की हत्या से इलाके में तनाव बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक, जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही हत्यारा पुलिस की गिरफ्त में होगा। कोटवा थाना अध्यक्ष राज रूप राय ने कहा कि गुनगुन की हत्या के पीछे जो भी है, उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस के पास कई पुख्ता सबूत हैं और आरोपी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।