आम जनता का फेक-एनकाउंटर कर रही सरकार : लालू
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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार की ओर से पांच सौ और हजार के पुराने नोट बैन किए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है। लालू ने ट्वीट कर कहा कि अगर ये सब करने के बाद भी लोगों को 15 लाख नहीं मिले तो इसका मतलब होगा कि यह फर्जिकल स्ट्राइक था। इसके साथ ही आम जनता का फेक-एनकाउंटर भी। नोटबंदी के बाद लालू प्रसाद का इस मसले पर यह पहला बयान है। उन्होंने कहा, मोदी जी देश को भरोसा दीजिए कि जनता को दो माह तक पूर्ण असुविधा देने और कालेधन की उगाही हो जाने के बाद क्या सबके खाते में 15 लाख रुपये आएंगे।
लालू ने ट्वीट कर कहा- हम काले धन के विरुद्ध हैं पर आपके इस काम में दूरदर्शिता और क्रियान्वयन का पूर्ण अभाव दिख रहा है। आम आदमी की सहूलियत का ख्याल रखना चाहिए। लालू ने पूछा है कि क्या सरकार 50 दिन के बाद यह आंकड़ा सार्वजनिक करेगी कि खातों में पैसा होने के बावजूद कितने लोग भोजन और इलाज के अभाव में सदमे से मर गए। उन्होंने कहा, मोदी जी बताएं कि भ्रष्टाचार और काला धन समाप्त करना चाहते हैं तो दो हजार का नया नोट क्यों जारी किया। आपकी इस मंशा पर देश को शंका है।
लालू प्रसाद ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि क्या वह यह बताएंगे कि लोगों के लंबी कतारों में खडे़ रहने की वजह से देश को कितने अरबों मानव कार्य अवधि और उत्पादन का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मोदी जी बताएं कि कितने पूंजीपतियों के कितने लाख करोड़ रुपये बैंकों पर बकाया है और उसकी उगाही के लिए सरकार क्या कठोर कदम उठा रही है।
लालू ने पूछा, देश जानना चाहता है कि आम आदमी को परेशान करने से पहले बैंकों का लाखों-करोड़ों रुपया डकारने वाले डिफॉल्टर्स पर क्या कार्रवाई की जा रही है। ये उनको बचाने के लिए नाटक तो नहीं है।उन्होंने कहा कि इस अभाव के कुएं में धकेलने के समय आपने कहा था कि यह कुछ दिनों की बात है, फिर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे 15 दिनों की बात बताया और अब 50 दिन की बात की जा रही है।
लालू ने कहा कि निम्न वर्ग नोट की समस्या से जूझ रहा है, डिफाल्टर और पूंजीपति पांच सितारों में, आम आदमी कतारों में और आप विदेशी नजारों में लगे हुए हैं और ऊपर से यह कह रहे हो कि जो कतारों में हैं वे चोर-नकारे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नाटकीय भाषण से आम जनता को ना तो सांत्वना मिलेगी और ना ही दुखों का अंत होगा। हालात विस्फोटक हैं, लोग परेशान हैं और आप भाषण पर भाषण दिए जा रहे हैं। लालू ने पूछा कि मोदी जी आप 50 दिनों की सीमित असुविधा की बात कर रहे हैं, तो क्या समझा जाए कि आपके वादानुसार सबके खाते में 15-15 लाख रुपये आ जाएंगे।