Sawan 2024: मटेश्वर धाम में उमड़े श्रद्धालु, दो दिन में 80 किमी दूरी तय करके सात युवकों ने बाबा को चढ़ाया जल
Saharsa News: सावन के चौथे सोमवार को सहरसा में मिनी देवघर के नाम से प्रसिद्ध मटेश्वर धाम में मध्य रात्रि से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान हजारों लोगों ने बाबा को जलार्पण किया। लेकिन सात दोस्तों ने दो दिन में लंबा सफर तय करके सोमवार को बाबा को जल अर्पित किया।
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सावन के चौथे सोमवार को सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के बलवाहाट के कांठो स्थित मिनी देवघर के नाम से प्रसिद्ध मटेश्वर धाम में मध्य रात्रि से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लग गई। सुरक्षा की कमान खुद सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर संभाल रहे हैं। मध्य रात्रि में ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर जाने वाले रास्तों पर श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए बनमा इटहरी पुलिस और अन्य थानों की पुलिस मुस्तैद नजर आई। वहीं, मुंगेर के छर्रापट्टी से जल लेकर आने वाले डाक बम की सेवा में लोग जुटे रहे। कोई उन्हें पानी तो कोई पैर पर दर्द मिटाने के लिए स्प्रे दवा का छिड़काव करते रहे। यह नजारा रास्ते में कई जगहों पर दिखा।
साल 1997 के सावन का महीने से सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड की छोटी सी पंचायत काठो स्थित अतिप्राचीन शिव मंदिर 'बाबा मटेश्वरनाथ धाम' में स्थापित अद्भुत, अनोखे और अद्वितीय शिवलिंग पर सामान्य रूप से रोजाना जलार्पण करने वाले महज 19 वर्ष के मुन्ना भगत को कुछ अलग करने की सूझी। उन्होंने अपने कुछ मित्रों से संपर्क किया और उन्हें अपने साथ मुंगेर घाट जाने के लिए राजी कर लिया। बाबा मटेश्वरनाथ के नाम पर सभी सहर्ष तैयार हो गए और मुन्ना सहित शिवेंद्र पोद्दार, सुरेंद्र साह, संजय चौरसिया, विनोद साह, सत्यनारायण साह और मनोज साह अगली ही सुबह मुंगेर घाट के लिए विदा हुए। रविवार की सुबह सभी सातों युवकों ने घाट से गंगाजल भरा और बिना रुके मटेश्वरनाथ धाम के लिए चल पड़े। कुल 80 किलोमीटर की दूरी तय करते सोमवार को मंदिर पहुंचकर बाबा को जलार्पण किया।
साल 2005 में 16 कांवड़ियों के जत्थे ने पहली बार सामान्य कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत की थी। ऐसे कांवड़िये रुक-रुक कर दो से तीन दिनों में यात्रा पूरी कर जलार्पण करते हैं। सावन के महीने में यहां स्थायी रूप से मेला भी लगा रहता है। राज्य की नीतीश सरकार ने पार्टी की ओर से जिले में वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत यहीं से की थी।
वर्ष 2021 में बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के काठो पंचायत स्थित बाबा मटेश्वर धाम मंदिर में प्रत्येक वर्ष होने वाले मटेश्वर महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया है। वर्ष 2022 में पहली बार महोत्सव का आयोजन हुआ था। उसके बाद प्रत्येक वर्ष यह आयोजन हो रहा है। पुरातात्विक दृष्टिकोण से बाबा मटेश्वर धाम मंदिर की पूरे भारतवर्ष में विशेष पहचान बन चुकी है।
इस बार भी डाक कांवड़िया संघ द्वारा श्रावणी मटेश्वर महोत्सव का आयोजन होगा। भाद्र मास के द्वितीय रविवार में 216 फुट कांवड़ पद यात्रा द्वारा बाबा का जलाभिषेक होगा। जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त को राजघाट छर्रापट्टी मुंगेर घाट के लिए प्रस्थान कर एक सितंबर को जलाभिषेक होगा।