Holi 2025: "गांवों-बस्तियों में जाकर खेलें होली, इससे समरसता बढ़ेगी", विश्व संवाद केंद्र से दिया गया यह संदेश
Bihar News: विश्व संवाद केंद्र में आयोजित समारोह में सभी ने मिलकर फूलों की होली खेली। इसके जरिए प्राकृतिक रंगों के प्रयोग और सौहार्द्रपूर्ण होली खेलने का संदेश दिया गया। आरएसएस के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को साथ लेकर चलना हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
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पटना में बुधवार दोपहर विश्व संवाद केंद्र की ओर से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पत्रकारों और समाजसेवियों ने होली के रंगों में सराबोर होकर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। पत्रकारों ने एक-दूसरे को चंदन से बने अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी, जिससे वातावरण रंगीन और उल्लासित हो उठा। सभी ने मिलकर फूलों की होली खेली, जिससे प्राकृतिक रंगों के प्रयोग और सौहार्द्रपूर्ण होली खेलने का संदेश दिया गया।
डॉ. मोहन सिंह बोले- ऐसे बढ़ेगी समाज में समरसता
समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों प्रमोद कुमार सिंह, बृज मोहन सिंह, कृष्णकांत ओझा और प्रवीण बागी ने होली से संबंधित रचनाओं का पाठ किया, जिससे उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को साथ लेकर चलना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। होली के अवसर पर गांवों और शहर की छोटी बस्तियों में जाकर होली खेलना चाहिए, जिससे समाज में समरसता बढ़ेगी और हम आगे बढ़ेंगे।
प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करें
वहीं विश्व संवाद केंद्र की ओर आम लोगों से अपील करते हुए कहा गया कि होली का पर्व रंगों और उमंग का प्रतीक है, लेकिन बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंग त्वचा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करके इस होली को सुरक्षित बनाएं। इन प्राकृतिक रंगों से पर्यावरण में रासायनिक प्रदूषण नहीं होता, जिससे जल और मृदा प्रदूषण में कमी आती है। समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद, क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेश कुमार पाण्डेय, प्रांत प्रचारक उमेश प्रसाद, प्रांत प्रचार प्रमुख अभिषेक कुमार, विश्व संवाद केंद्र के सचिव डॉ. संजीव चौरसिया, वरिष्ठ पत्रकार मणिकांत ठाकुर, प्रियरंजन भारती, लव कुमार मिश्र, एसएन श्याम, मृत्युंजय मानी, जयशंकर बिहारी समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।