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बिहार: विधानसभा चुनाव के लिए शपथपत्र में संपत्ति छिपाने का आरोप, तेज प्रताप के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
Wed, 29 Dec 2021 08:56 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 29 Dec 2021 08:56 PM IST
सार
प्रदेश की हसनपुर विधानसभा सीट से विधायक तेज प्रताप यादव के खिलाफ 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल शपथपत्र में संपत्ति से संबंधित गलत जानकारियां देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
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तेज प्रताप यादव
- फोटो : twitter.com/TejYadav14
विस्तार
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक तेज प्रताप यादव के खिलाफ बुधवार को एक एफआईआर दर्ज कराई गई। इसमें आरोप लगाया गया है कि तेज प्रताप ने 2020 में हुए विधानसभा चुनाव दाखिल शपथपत्र में अपनी संपत्ति से संबंधित गलत जानकारी साझा की थी। राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के खिलाफ यह एफआईआर रोसड़ा थाना में दर्ज की गई है।
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शिकायत के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दूसरे चरण की अधिसूचना के तहत 140 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए तेज प्रताप यादव ने 13 अक्तूबर 2020 को राजद से उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान अपने शपथपत्र में तेज प्रताप ने अचल संपत्ति छिपाई थी। इस बात की शिकायत राज्य में सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की थी।
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सीबीडीटी की जांच में सामने आई ये जानकारी
इसके बाद चार नवंबर 2020 के निर्वाचन अधिकारी ने इस शिकायत की प्रति भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजी थी, जिसने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को इसकी जांच करने के लिए कहा था। सीबीडीटी ने जांच के बाद बताया है कि 2015 के और 2020 के विधानसभा चुनावों के लिए तेज प्रताप की ओर से दाखिल शपथपत्रों के बीच चल और अचल परिसंपत्तियों में 82 लाख 40 हजार 867 रुपये का इजाफा हुआ है।
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नोटिस का तेज प्रताप यादव ने नहीं दिया जवाब
वहीं, इस अवधि में उनकी आयकर विवरणियों के अनुसार उनकी कुल आय 22 लाख 76 हजार 220 रुपये बनती है। सीबीडीटी की जांच के बाद तेज प्रताप को निर्वाचन आयोग ने कारण बताओ नोटिस भी भेजा था लेकिन उनकी ओर से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी समस्तीपुर ब्रजेश कुमार ने तेज प्रतापके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।