फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   samastipur-rosra-missing-youth-found-alive-after-four-years-three-accused-jailed

अंधा कानून!: मूक-बधिर को अगवा कर मारने के आरोप में तीन जेल गए; चार साल बाद वह एनसीआर में जिंदा मिला

Mon, 05 Oct 2026 02:35 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Mon, 05 Oct 2026 02:35 PM IST
सार

समस्तीपुर के रोसड़ा में चार साल पहले लापता हुआ रविशंकर अचानक जिंदा मिल गया। उसकी हत्या की आशंका जताते हुए दर्ज मामले में पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अब आरोपी पक्ष के लोग ही रविशंकर को नोएडा से खोजकर रोसड़ा थाना लेकर पहुंचे हैं।

विज्ञापन
samastipur-rosra-missing-youth-found-alive-after-four-years-three-accused-jailed
समस्तीपुर जिले के रोसड़ा स्थित लालापुर गांव से गायब हुए युवक नोयडा में मिला फोटो: Amar Ujal

विस्तार

समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र स्थित लालापुर गांव निवासी जिस युवक के चार साल पहले अपहरण के बाद परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई थी, वह अचानक जिंदा मिल गया। जिस मामले में नामजद तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, उसी मामले में रविवार शाम आरोपी पक्ष के लोग युवक को लेकर रोसड़ा थाना पहुंच गए। युवक के थाने पहुंचते ही पुलिसकर्मियों के साथ वहां मौजूद लोगों में भी कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

विज्ञापन

मामला रोसड़ा थाना कांड संख्या-259/22 से जुड़ा है। लालापुर निवासी मदन यादव ने वर्ष 2022 में अपने 20 वर्षीय पुत्र रविशंकर के लापता होने की शिकायत पुलिस से की थी। प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद करते हुए पुत्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर दिए जाने की आशंका जताई गई थी। रविशंकर मूक-बधिर है और बोलने में असमर्थ है। युवक के अचानक गायब होने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ती गई और पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

विज्ञापन

चार साल तक नहीं मिला कोई सुराग
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने युवक की तलाश की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चल सका। जांच के दौरान नामजद तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। युवक का कोई सुराग नहीं मिलने के कारण परिजनों की आशंका और मजबूत होती गई कि उसके साथ कोई अनहोनी हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इधर, रविवार को अचानक मामले ने पूरी तरह नया मोड़ ले लिया। आरोपी पक्ष के लोग ही रविशंकर को लेकर रोसड़ा थाना पहुंच गए। उनके साथ युवक को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। चार साल से जिस युवक की हत्या की आशंका जताई जा रही थी, वह सकुशल सामने था।

आरोपी पक्ष ने नोएडा से खोजकर युवक को लाया
आरोपी पक्ष के लोगों का कहना है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से रविशंकर की तलाश कर रहे थे। इसी क्रम में उन्हें जानकारी मिली कि रविशंकर नोएडा में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद वे लोग नोएडा पहुंचे और वहां से रविशंकर को अपने साथ लेकर रोसड़ा आए।

हालांकि, युवक चार साल तक कहां रहा, नोएडा में किसके साथ रह रहा था, वहां कैसे पहुंचा और इतने लंबे समय तक परिवार या पुलिस से उसका संपर्क क्यों नहीं हुआ—इन सवालों के जवाब अभी स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस अब युवक के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन सभी बिंदुओं की जांच करेगी।

मूक-बधिर होने के कारण जांच और बयान महत्वपूर्ण
रविशंकर बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसके साथ चार वर्षों के दौरान क्या हुआ, वह किन परिस्थितियों में नोएडा पहुंचा और क्या वह अपनी इच्छा से वहां रह रहा था, यह पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पुलिस उसके बयान के लिए न्यायालय की प्रक्रिया अपनाएगी।

थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर लालबाबू कुमार ने बताया कि बरामद युवक का न्यायालय में बयान कराया जाएगा। न्यायालय के आदेश और युवक के बयान के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ेंं- बिहार में चुनाव है : नीतीश कुमार ने अनंत सिंह पर 'काबू' पा लिया? आज JDU के नीरज के नामांकन से पहले दांव

अब चार साल पुराने मुकदमे की जांच की दिशा बदलेगी
रविशंकर के जिंदा मिलने से चार साल पुराने अपहरण मामले की पूरी जांच की दिशा बदल गई है। जिस मामले में हत्या की आशंका जताई गई थी और तीन लोगों को जेल तक जाना पड़ा, अब पुलिस को यह पता लगाना होगा कि युवक वास्तव में किन परिस्थितियों में घर से गया था और इतने वर्षों तक कहां रहा।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि युवक के गायब होने के पीछे किसी व्यक्ति की भूमिका थी या वह स्वयं किसी कारण से घर से दूर चला गया था। साथ ही, नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई और उनके विरुद्ध जुटाए गए साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी।

चार साल से जिस युवक को परिजन मृत समझने की आशंका में जी रहे थे, उसके अचानक जिंदा सामने आने से न सिर्फ परिवार, बल्कि पुलिस की जांच भी नए मोड़ पर पहुंच गई है। अब रविशंकर का न्यायालय में दर्ज होने वाला बयान ही इस रहस्य की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed