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बोध महोत्सव: एक मंच पर देश और दुनिया की संस्कृति
बोधगया (बिहार)/अतुल बरतरिया
Updated Wed, 06 Feb 2013 09:30 PM IST
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बोध महोत्सव के शुभारंभ के मौके पर बुधवार को देश और दुनिया की विभिन्न संस्कृतियों का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव का पहला दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के नाम रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस साल का आयोजन सम्राट अशोक को समर्पित है। महोत्सव में भाग लेने के लिए लाखों अनुयायी बोधगया पहुंच गए हैं।
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महोत्सव में भूटान के कलाकारों ने स्वागत गीत पेश किया और फिर पछाम नृत्य के जरिए गुरु पदमासंभव को याद किया गया। इसके बाद जापान से आए कलाकारों ने समां बांधा। श्रीलंका से आए कलाकारों ने गिनी सिसिला नृत्य पेश कर खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा समारोह में शिरकत करने आए पूर्वी लद्दाख, तिब्बत, सिक्किम और नेपाल के कलाकारों ने भी रंगारंग प्रस्तुति दी।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार यहां आने वाले सभी पर्यटकों को हरसंभव सुविधाएं देने को तैयार है। उन्होंने बोधगया में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 100 एकड़ जमीन देने का भरोसा भी दिया। नीतीश ने इस आयोजन के लिए पर्यटन विभाग और गया जिला प्रशासन की सराहना की।
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इस अवसर पर महोत्सव आयोजन समिति की चेयरपर्सन और गया की जिला मजिस्ट्रेट वंदना प्रेयसी ने बताया कि इस साल का आयोजन सम्राट अशोक को समर्पित है। सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म खुद तो अपनाया ही, इसका प्रचार-प्रसार पूरी दुनिया में किया।