बोलीं पत्रकार की पत्नी- शहाबुद्दीन से मेरी जान को खतरा
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हिंदी अखबार 'हिंदुस्तान' के सिवान ब्यूरो प्रमुख राजदेव रंजन की इस साल मई में हत्या हुई थी। राजदेव रंजन की पत्नी आशा ने बिहार सरकार से मांग की है कि पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
आशा ने पूर्व राजद सांसद शहाबुद्दीन पर इस हत्या की साज़िश में शामिल होने का आरोप लगाया है। शहाबुद्दीन एक दूसरे मामले में जेल में बंद थे, ग्यारह साल जेल में रहने के बाद, बीते दिनों उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है।
शहाबुद्दीन इस मामले और उनके खिलाफ दर्ज अन्य कई मामलों में अपना हाथ होने के आरोपों को लगातार ख़ारिज करते आए हैं। आशा ने बीबीसी से कहा, "यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लगता है कि सिवान के पूर्व सांसद की रिहाई में कुछ गलती हुई है तो तुरंत कार्रवाई करें ताकि शहाबुद्दीन को फिर गिरफ्तार किया जा सके।"
राजदेव की पत्नी ने गृहमंत्री से की सीबीआई जांच की मांग
आशा ने कहा है कि राजदेव रंजन की हत्या के कई महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें बिहार सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। उनका कहना है, "मैं नीतीश कुमार से न्याय की उम्मीद तो नहीं करती हूं, लेकिन वो चाहें तो अब भी गलती सुधार सकते हैं। बिहार सरकार को मेरी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए, मेरी जान को खतरा है। शहाबुद्दीन मुझे नुक़सान पंहुचाने की कोशिश कर सकते हैं।"
आशा ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। उन्होंने बीबीसी से कहा, "गृहमंत्री ने यह तो माना कि इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से होनी चाहिए, पर उन्होंने साफ साफ कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई के पास पहले से ही बहुत मामले हैं और जांच होने में समय लगेगा।"
आशा ने आरोप लगाया, "गिरफ़्तार किए गए सभी अभियुक्तों ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि साजिश मोहम्मद शहाबुद्दीन ने ही रची थी। मुख्य अभियुक्त लड्डन मियां ने भी शहाबुद्दीन का नाम लिया है।"
लड्डन मियां कथित तौर पर शहाबुद्दीन के नज़दीकी माने जाते हैं। आशा का कहना है कि राजदेव की हत्या की साज़िश में शहाबुद्दीन के शामिल होने के बारे में उनके बार-बार कहने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर में सिवान के पूर्व सांसद का नाम नहीं लिया है।
वहीं पटना के एक अंग्रेज़ी अखबार ने आरोप लगाया कि पत्रकार राजदेव हत्याकांड में एक साजिशकर्ता बंटी शहाबुद्दीन की जेल से रिहाई के बाद निकले जुलूस में दिखाई दिए थे।
इस सवाल पर सिवान के पुलिस अधीक्षक सौरभ साह ने बीबीसी से कहा, ''तहकीकात में किसी का नाम नहीं लिया गया था, छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।''
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में पता चला था कि इनमें से कई लोग बंटी को जानते हैं और तफ्तीश के लिए पुलिस बंटी की तलाश कर रही है।