Bihar: राहुल गांधी की यात्रा पूर्णिया पहुंची, किसानों से कहा- आपका नहीं, अरबपतियों का कर्ज माफ कर रही सरकार
राहुल गांधी सिर पर गमछा बांधे दिखे। राहुल गांधी ने किसान के हाथ से कुल्हड़ में चाय पी। इसमें महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्राथर्ना सभा में शामिल हुए।
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कांग्रेस के वरीय नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आज दूसरा दिन है। वह सुबह पूर्णिया पहुंचे। सबसे पहले जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चों और किसानों से मुलाकात की। उनसे बातचीत की। राहुल गांधी सिर पर गमछा बांधे दिखे। राहुल गांधी ने किसान के हाथ से कुल्हड़ में चाय पी। इसमें महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्राथर्ना सभा में शामिल हुए। प्रार्थना के बाद राहुल गांधी ने कहा कि आज ही के दिन नफ़रत और हिंसा की विचारधारा ने देश से उनके पूज्य बापू को छीना था। और आज वही सोच उनके सिद्धांतों और आदर्शों को भी हमसे छीन लेना चाहती है। पर नफ़रत की इस आंधी में, सत्य और सद्भाव की लौ को बुझने नहीं देना है। यही गांधी जी को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
भारत सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम का उल्लंघन कर रही है
इधर, किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज केंद्र सरकार माल्या जैसे अरबपतियों का कर्ज माफ कर रही। लेकिन, किसानों का कर्जा माफ नहीं हो रहा। जो भी राजनीतिक नेता किसानों की जमीन की रक्षा के बारे में बात करेगा, उस पर मीडिया चौबीसों घंटे हमला करेगा। यहां, भारत सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम का उल्लंघन कर रही है। मैं संसद में आपके लिए यह मुद्दा उठा सकता हूं। मैं आपको गारंटी नहीं दे सकता कि पीएम मोदी इस बारे में कुछ करेंगे लेकिन मैं आपके लिए यह मुद्दा उठा सकता हूं। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि एक बार हमारी सरकार सत्ता में आएगी तो हम आपके लिए यह करेंगे।" राहुल गांधी के साथ कन्हैया कुमार और बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे।
राहुल गांधी ने कहा- किसान हमारे देश की रीढ़ हैं
पूर्णिया में किसान चौपाल के दौरान किसानों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ हैं, लेकिन पिछले 10 साल में मोदी सरकार ने उनके साथ सिर्फ अन्याय और अत्याचार किया है। देश के अन्नदाताओं को न्याय दिलाना ही हमारा लक्ष्य है, हम अपने लक्ष्य को जरूर पूरा करेंगे। आज किसानों को चारों तरफ से घेरा जा रहा है। एक तरफ किसानों से उनकी जमीनें छीनकर अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को दी जा रही हैं।दूसरी तरफ खाद, बीज जैसी चीजों के लिए किसानों से पैसा छीना जा रहा है। अगर देश में अरबपतियों के लाखों करोड़ रुपए माफ हो सकते हैं, तो किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं किया जा सकता?