Bihar News : कोर्ट ने आईपीएस सहित नौ पुलिस अधिकारियों पर प्राथमिकी करने का दिया आदेश, जानिए पूरी वजह
Bihar: बिहार के कोर्ट ने एसपी और एसडीपीओ सहित नौ पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है। इस मामले में एक SI का आरोप था कि फर्जी दरोगा मामले का खुलासा करने के बाद उसके साथ मारपीट की गई थी। फिर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
विस्तार
खगड़िया सीजेएम कोर्ट में खगड़िया एसपी को सीवान के एसपी अमितेश कुमार और नालंदा के एसडीपीओ सुमित कुमार पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले में साथ 7 अन्य पुलिस अधिकारी भी आरोपित हैं, जिनके विरुद्ध भी एफआईआरइन दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है। कोर्ट ने यह फैसला मानसी थाना के तत्कालीन एसआई अम्लेंदु कुमार की याचिका की सुनवाई पर किया है, जिसमे एसआई ने आरोप लगाया था कि मानसी थाना में फर्जी दरोगा का खुलासा करने के बाद उसके साथ मारपीट की गी थी और उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। कोर्ट ने यह आदेश बीते 6 मई को दिया है। मामले में कोर्ट द्वारा एसपी खगड़िया के माध्यम से संबंधित थाना पुलिस को अनुसंधान व प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही है।
धारा 156(3) के तहत कोर्ट ने दिया आदेश
मामले में एसआई अम्लेंदु कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने कहा है कि परिवाद में प्रार्थी की तरफ से जो परिवाद पत्र दिया गया है, उसका अनुसंधान जरूरी है। सीजेएम ने अपने आदेश में कहा है कि सुनवाई के बाद परिवाद पत्र में उल्लिखित कथन एवं लगाये गये आरोप का प्रथम दृष्टया पुलिस के द्वारा अनुसंधान कराना आवश्यक प्रतीत होता है। उक्त परिवाद पत्र धारा 156 (3) द.प्र.सं. के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक, खगड़िया के माध्यम से संबंधित थाना को अनुसंधान एवं प्राथमिकी दर्ज करने के लिये भेजा जाता है।
क्या है पूरा मामला
बीते वर्ष 2021 में खगड़िया जिले के मानसी थाना में एक फर्जी दरोगा का खुलासा हुआ था, जिसमें बेगूसराय जिले के रहने वाले विक्रम कुमार पर फर्जी योगदान करने का आरोप लगा था। मामले का खुलासा मानसी थाना में पद स्थापित तत्कालीन एसआई अम्लेंदु कुमार के द्वारा किया गया था। खुलासे के बाद आनन-फानन में खगड़िया पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। उसके बाद खगड़िया एसपी के द्वारा इस कांड के खुलासा करने वाले एसआई अमरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था।
मारपीट और जान से मारने की धमकी का है आरोप
मानसी थाना के तत्कालीन एसआई अम्लेंदु कुमार ने खगड़िया सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि उसके साथ मारपीट की गई है, और उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में अम्लेंदु कुमार ने बताया कि बीते वर्ष 2021 में उन्होंने फर्जी दरोगा के मामले में उच्च अधिकारियों को सूचना दी थी, जिसके बाद मानसी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर फर्जी दरोगा विक्रम कुमार और एक अन्य को गिरफ्तार किया गया था। परिवाद पत्र में उनका आरोप है कि इस खुलासे के बाद उनपर इस कांड को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार 26 जून 2022 को सदर अस्पताल खगड़िया में उनके साथ मारपीट की गई थी। साथ ही बार-बार उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये अहम फैसला सुनाया है।
इन पुलिस अधिकारियों पर दर्ज होगा एफआईआर
खगड़िया सीजेएम कोर्ट में जिन पुलिस पदाधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, उनमें उस समय के तत्कालीन एसपी अमितेश कुमार जो इस समय सीवान के एसपी हैं, तत्कालीन एसडीपीओ सुमित कुमार जो वर्तमान में नालंदा जिले में पदस्थापित हैं, खगड़िया पुलिस लाइन के तत्कालीन मेजर महेंद्र प्रसाद यादव, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक पवन कुमार, तत्कालीन मुफ़सिल थाना अध्यक्ष अमलेश कुमार, तत्कालीन चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार, मानसी थाना के तत्कालीन एसआई निलेश कुमार सहित तत्कालीन मानसी थाना अध्यक्ष दीपक कुमार और तत्कालीन नगर थाना अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह का नाम शामिल है। बता दें कि इस मामले में खगड़िया एसपी और नालंदा एसपी के वर्जन जानने के लिए उनके सरकारी नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया।