Bihar: कैंसर-हार्ट की बीमारी रुक सकती है, डॉक्टरों ने बताया रास्ता; मंत्री मंगल पांडेय ने जैनेंद्र को किया याद
Bihar : हर इंसान को रक्तदान करना चाहिए। रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि अगर आप ब्लड डोनेट करते हैं तो आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। रिसर्च के अनुसार, रक्तदान करने वाले कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से दूर रहते हैं।
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29 साल की उम्र में 49 बार रक्तदान करना निश्चित रूप से बहुत बड़ी बात है। मैंने भी 50 बार रक्तदान किया है। लेकिन 29 साल की उम्र में मैं ऐसा नहीं कर सका, स्व. जैनेन्द्र ज्योति ने किया। स्वस्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने ये बातें कहीं। पत्रकार एवं समाज सेवी स्व. जैनेन्द्र ज्योति की चौथी पुण्यतिथि पर मां ब्लड सेंटर में आयोजित रक्तदान शिविर को संबोधित करते हुए मंगल पांडेय ने कहा कि रक्तदान करने से कोई नुकसान नहीं होता है। इसलिए हर इंसान को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से अतिरिक्त ऊर्जा महसूस होती है। मंत्री ने कहा कि स्व जैनेन्द्र ज्योति कोरोना महामारी में हमसे जुदा हो गए। उनके श्राद्ध भोज की जगह रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। यह बड़ी बात है।
इस मौके पर डॉ दिवाकर तेजस्वी ने रक्तदान करने के बाद कहा कि रक्तदान एक बहुत ही पुनीत कार्य है। हर व्यक्ति को क्षमता के अनुसार रक्तदान करना चाहिए। 3 महीने में नया रक्त बनता है। 3 महीने में रक्त पुराना हो जाता है। इसलिए पुराने रक्त को रखने से कोई फायदा नहीं है। बेहतर है कि उसे दान कर दें। रक्तदान करने से बहुत फायदे हैं।
प्रख्यात महिला चिकित्सक डॉ सारिका राय ने कहा कि रक्तदान करने से सबसे बड़ा फायदा यह है कि ब्लड हमेशा रिफाइन होते रहता है। मेरे साथ लगभग 20 सालों से काम करने वाले जितने भी लोग हैं वह कभी बीमार नहीं हुए। इसकी मुख्य वजह यह है कि वह हमेशा रक्तदान करते हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि मां ब्लड सेंटर में मुझे बुलाया गया और मैं आई। जिस कॉन्सेप्ट से मां ब्लड सेंटर खुला है, यह मेरे लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ बी.पी सिंह ने बताया कि मां ब्लड सेंटर के बारे में मैंने सुना था, लेकिन मुझे ऐसा बिलकुल नहीं लगा था कि यहां इतनी बेहतर व्यवस्थाएं होंगी। इसकी मुख्य वजह यह है कि आजकल रक्तदान के नाम पर जिस तरह से गलत काम किये जा रहे हैं और जिस तरह से लूट-खसोट की जा रही है, ऐसे में इस पर ज्यादा भरोसा करना मुझे उचित नहीं लगा। आज जैनेन्द्र ज्योति के पुण्यतिथि के मौके पर जितेन्द्र ज्योति ने मुझे आमंत्रित किया था, इसलिए बस उनकी बात को रखने के लिए मैं यहां आ गया था। लेकिन यहां आने के बाद मैं सबसे पहले इस पूरे सिस्टम को देखा, इसकी गुणवत्ता को समझा। मां ब्लड सेंटर के इस बेहतर और व्यापक सहयोगात्मक स्वरुप को देखकर, यहां की कार्य कुशलता को देखकर और निःस्वार्थ भाव से हर किसी के योगदान को देखकर मेरे खुद के पूर्व के विचार बदल गये। मेरे पूर्व की अवधारणा बदल गई और आज मैं भी आत्मीय रूप से इस संस्थान से जुड़ गया हूं, ऐसा महसूस करने लगा हूं। मुझे लगता है कि अगर मां ब्लड सेंटर से कोई ब्लड ले जाता है तो समझिये एक विश्वास ले जाता है जो आज के समय में एक बहुत बड़ी बात है।
शिविर में 66 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वालों में डॉ. अमित बंका, डॉ. सारिका राय, डॉ दिवाकर तेजस्वी भी शामिल थे। इनके अलावे कार्यक्रम में मुकेश हिसारिया, मां वैष्णो देवी सेवा समिति के अध्यक्ष जगजीवन सिंह बबलू, कोषाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल अनंत अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, मनीष बनेटिया, पंकज लहुरका, मुकेश कांत, किशन बंका, राजेश बजाज, विनय बजाज, अशोक शर्मा, सज्जन चौधरी, सुनील जी सहित अन्य लोग मौजूद थे।