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Bihar: 'नीतीश सरकार ने फिल्म सिटी के लिए केंद्र से मांगे 200 करोड़', डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कही यह बात
Wed, 18 Dec 2024 04:52 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 18 Dec 2024 04:52 PM IST
सार
डिप्टी सिंह ने कहा कि अन्य राज्यों में बिहार की कला संस्कृति और परंपराओं की प्रचार-प्रसार के लिए दो राज्य में बिहार महोत्सव किया जाएगा। एक महोत्सव दक्षिणी राज्य तेलंगाना के हैदराबाद में किया जा रहा है।
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डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के साथ विभाग के अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के राजनीर में फिल्म सिटी का निर्माण होगा। 200 एकड़ में फैला यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की फिल्म और मनोरंजन उद्योग में क्रांति ला सकता है और साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है, जिससे रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना के लिए केंद्र से 200 करोड़ रुपये की सहायता बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रस्तावित की जा रही है। सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने केंद्र ने 200 करोड़ की मदद मांगी है। यह बात डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
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उन्होंने कहा कि राज्य भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना मीडिया शिक्षा को सशक्त बनाने और राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल फिल्म निर्माण, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, साउंड डिजाइन और एडिटिंग में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जिससे उभरते कलाकारों को उद्योग से जुड़ी कौशल क्षमता मिलेगी। साथ ही, यह प्रशिक्षकों, तकनीशियनों और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा और सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहित करेगा। फिल्म महोत्सवों और मीडिया कार्यक्रमों की मेजबानी से फिल्म निर्माताओं और पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा, जिससे राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। यह केंद्र बिहार की रचनात्मकता को सशक्त करेगा, आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा और राज्य को मीडिया शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और नवाचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए ₹100 करोड़ के बजट का प्रस्ताव है।
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बिहार में फिल्म स्टूडियो और लैबोरेटरी की स्थापना
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य में फिल्म स्टूडियो और लैबोरेटरी की स्थापना का उद्देश्य राज्य को भारतीय फिल्म उद्योग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह प्री प्रोडक्शन, प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन प्रक्रियाओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। ये सुविधाएं फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करेंगी, उत्पादन लागत को कम करेंगी और सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग और विजुअल इफेक्ट्स जैसे क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। लैबोरेटरी क्षेत्रीय फिल्मों का संग्रह और पुनर्स्थापन करके बिहार की फिल्मी विरासत को संरक्षित करने में सहायक होगी। फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देकर यह परियोजना पर्यटन को प्रोत्साहन देगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी, और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ाएगी। यह क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को बिहार की कहानियों और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले कंटेंट के निर्माण के लिए प्रेरित करेगी, जिससे भारतीय सिनेमा की विविधता को समृद्धि मिलेगी। फिल्म क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने से आतिथ्य और परिवहन जैसे सहायक उद्योगों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए ₹100 करोड़ के बजट का प्रस्ताव है।
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राज्य नाट्य विद्यालय स्थापित किए जाएंगे
रंगमंच के क्षेत्र में कलाकारों को मंच देने के लिए बिहार राज्या संगीत नाटक अकादमी की स्थापना 1951 में हुई थी। शिक्षण एवं प्राचीन कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की तर्ज पर राज्य में राज्य नाट्य विद्यालय स्थापित की जाने का प्रस्ताव है। विद्यालय राज्य के कला के क्षेत्र में संस्कृतिकर्मियो को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का मानक प्रषिक्षण देगा और इस तरह राज्य की समग्र सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और उनके विकास के लिए कार्य करेगा। यह विद्यालय एक सोसाइटी के स्वरूप में गठित होगा। जिसमें विभाग के स्तर से एक अध्यक्ष और कला जगत से एक निदेषक रहेंगे। यह विद्यालय स्नातक के बाद परा स्नातक स्तर पर डिग्री अथवा दो वर्षीय डिप्लोमा प्रदान करेगा, जिसमें प्रतिवर्ष दो सेमेस्टर के आधार पर चार वर्ष का पाठ्यक्रम होगा। पाठ्यक्रम के निर्धारण एवं संचालन के लिए एक अकादमी समिति होगी और पाठ्यक्रमों में अभिनय निर्देशन, अभिकल्पन, संगीत, मंचसज्जा, वेषभूषा एवं रूपसज्जा से संबंधित विषय होंगे। शीघ्र ही मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्रदान कर बिहार नाट्य विद्यालय का गठन किया जाएगा।
दो राज्यों में बिहार महोत्सव
डिप्टी सिंह ने कहा कि अन्य राज्यों में बिहार की कला संस्कृति और परंपराओं की प्रचार-प्रसार के लिए दो राज्य में बिहार महोत्सव किया जाएगा। एक महोत्सव दक्षिणी राज्य तेलंगाना के हैदराबाद में किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल में पुष्पा-2 के लांच के लिए वहाँ के फिल्म निर्माता द्वारा पटना का चयन किया गया था। इसके साथ ही एक अन्य बिहार महोत्सव दिल्ली अथवा उत्तर भारत के किसी अन्य राज्य में किया जाना है। जहाँ पर भी बिहार की संस्कृति कला और परंपराओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। दोनों ही आयोजन तीन दिनों के होंगे।
मुंबई में फिल्म कॉनकेल्व
हाल ही में लागू की गई बिहार फिल्म नीति के प्रचार-प्रचार और फिल्म निर्माण से जुड़े निर्माता, निदेशक, कलाकारों और अन्य कर्मियों में जागरूकता पैदा करने के लिए माह अक्टूबर, 2024 में पटना में फिल्म कॉनकेल्व का आयोजन किया गया था। इसी के अगले चरण में मुम्बई में, जहां पर फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी विधाओं के लोग रहते है और जो फिल्म निर्माण से जुड़े सभी कार्यक्रमों का केंद्र है वहाँ पर भी बिहार फिल्म नीति, 2024 के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए एक फिल्म कॉनकेल्व किया जाएगा। साथ ही मुंबई में ही बिहार में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नए निवेशकों को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों के साथ एक इनवेस्टर मीट करने का भी प्रस्ताव है।