{"_id":"64f09233ece5c69ba904f6c5","slug":"bihar-news-complaint-filed-against-rajasthan-cm-ashok-gehlot-in-muzaffarpur-court-judicial-system-2023-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पर बिहार में परिवाद दायर, न्याय व्यवस्था पर उठाया था सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पर बिहार में परिवाद दायर, न्याय व्यवस्था पर उठाया था सवाल
Thu, 31 Aug 2023 06:44 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Thu, 31 Aug 2023 06:44 PM IST
सार
Bihar News : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बिहार में परिवाद दायर कराया गया है। उक्त परिवाद मुजफ्फरपुर कोर्ट में दर्ज कराया गया है। न्यायालय ने परिवाद को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 11 सितंबर को सुनिश्चित की है।
विज्ञापन
मुजफ्फरपुर कोर्ट में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ परिवाद दायर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बिहार में परिवाद दायर कराया गया है। उक्त परिवाद मुजफ्फरपुर कोर्ट में अधिवक्ता सुधीर ओझा ने दायर किया है। इस संबंध में अधिवक्ता सुधीर ओझा का कहना है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने विवादित बोल के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। 30 अगस्त को उन्होंने राजस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए न्याय व्यवस्था पर सवाल किया था। उन्होंने कहा कि अदालतों में इतना भ्रष्टाचार है कि कोर्ट के फैसले तक वकील लिखते हैं और वह जो लिखकर लाते हैं वही फैसला आता है। यह क्या हो रहा है न्यायालय के अंदर चाहे निचली अदालत हो या उपरी अदालत हो, दोनों की हालत गंभीर है।
विज्ञापन
11 सितंबर को होगी सुनवाई
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान को लेकर मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने एक आपराधिक परिवाद दायर किया है जिसमें उन्होंने आईपीसी की धारा 500, 501 ,504 और 506 के तहत यह परिवाद दायर किया है। न्यायालय ने परिवाद को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 11 सितंबर को सुनिश्चित की है। अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने बताया कि मुख्यमंत्री जैसे माननीय पद पर होने के बावजूद अशोक गहलोत के द्वारा जो बयान दिया गया है उसे एक अधिवक्ता होने के नाते उनकी भावना को ठेस पहुंचा है। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारी एवं उनके द्वारा अपनाए जा रहे प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अवमानना किया है, जिसे लेकर उन्होंने यह परिवाद दायर किया है।
विज्ञापन