Bihar: बिहार में उफान पर कोसी-गंडक, 48 घंटे का हाईअलर्ट; मंत्री बोले- आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं
जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि हम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। सभी अधिकारियों को 24 घंटे तटबंधों की निगरानी करने के लिए कहा गया है। अगले 48 घंटे तक हाईअलर्ट घोषित किया गया है।
विस्तार
पिछले कुछ दिनों से नेपाल में हो रही लगातार बारिश के कारण कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शनिवार को कोसी नदी में रिकॉर्ड 6.81 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने की आशंका है। ऐसा 56 साल बाद हो रहा है। इतना ही नहीं गंडक नदी में भी 21 साल बाद रिकॉर्ड छह लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने की आशंका है। जल संसाधन विभाग ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए अगले दो दिनों तक अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन की टीम लगातार तटबंधों की निगरानी कर रही है।
हम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार
शनिवार सुबह आठ बजे कोसी बराज से चार लाख 18 हजार 285 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया है। वहीं बराह क्षेत्र में 3 लाख 53 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। जिला प्रशासन की टीम तटबंध के इलाकों में अभी भी लोगों को निकालने में जुटा प्रशासन है। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि हम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। सभी अधिकारियों को 24 घंटे तटबंधों की निगरानी करने के लिए कहा गया है। अगले 48 घंटे तक हाईअलर्ट घोषित किया गया है।
इन 13 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
इधर, मौसम विभाग ने बिहार के पश्चिम और पूर्वी चंपारण, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज समेत 13 जिलों बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने मौसम विभाग की मानें तो इन जिलों के अनेक भागों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। यहां हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों में वज्रपात का भी अलर्ट जारी किया है।
गोपालगंज में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा
वहीं गोपालगंज में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से अब गंडक नदी भी तबाही मचाने की तैयारी में है। साथ ही नेपाल के जल अधिग्रहित क्षेत्र में भारी बारिश के चलते गंडक नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे गोपालगंज में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। डीएम महम्मद मकसूद आलम ने इस संदर्भ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए मुफ्त जांच शिविर
पटना एम्स की ओर से जेपी सेतु के किनारे रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य समस्याओ को ध्यान रखते हुए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एम्स पटना के अनुभवी डाॅक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की एक टीम ने भाग लिया। शिविर मे 170 मरीजो की जांच और उपचार के साथ-साथ दावा का भी वितरण किया गया है। एम्स पटना के नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि हमार उद्देश्य इस मुश्किल समय में बाढ़ग्रस्त लोगों की सेवा करना है। बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के हेड डॉ वीणा सिंह ने लोगों को बाढ़ में फैलने वाली बीमारियों से अवगत कराया। एनएमओ एम्स पटना के पूर्व सचिव दिगम्बर दूबे ने बताया कि हमलोग हर रविवार को झुग्गी-झोपड़ी और गरीब बस्तियो मे स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करते हैं। इस शिविर में डॉ लक्ष्मी सिन्हा, सर्जरी विभाग के डॉ शिवशंकर पासवान, डॉ अश्विन ,डॉ धीरेन्द्र कुमार ,डॉ शशिकांत, नेत्र विभाग के डॉ सोनी सिन्हा ,औषधी विभाग के डॉ दिग्विजय, डॉ रितिक जयसवाल ,डॉ अभिषेक, डॉ रौकी आनंद और डॉ अजय ने आपना योगदान दिया।
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