शहाबुद्दीन के बाद अब तेज प्रताप के संग हत्यारोपी की तस्वीरों पर मचा बवाल
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बिहार में बाहुबली शहाबुद्दीन की रिहाई के साथ ही राजनीतिक खींचतान और तेज हो गई है। रोज एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं तो नए नए बयानों ने भी तूफान मचा दिया है। एक दिन पहले ही शहाबुद्दीन के साथ पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के आरोपी बंटी की तस्वीरें सामने आई तो लालू यादव के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप के साथ भी उसकी नजदीकी ने सरकार और राजद को बैकफुट पर ला दिया।
जिसके बाद विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार को घेर लिया। हालांकि तेज प्रताप ने सफाई दी कि हजार लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं वह हर किसी को नहीं जानते। वहीं राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के नीतीश पर निशाना साधने वाले बयान पर कांग्रेस भी खुलकर मुख्यमंत्री के समर्थन में आ गई है, उसने राजद को गठबंधन से अलग होने की चुनौती भी दे डाली है।
दूसरी ओर इस सारे मामले को शांत करने के लिए नीतीश सरकार शहाबुद्दीन को दोबारा जेल भेजने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और सीवान के कुख्यात बाहुबली के पुराने मामलों को भी खंगाला जा रहा है।
तेज प्रताप की सफाई हजारों लोग खिंचवाते हैं मेरे साथ फोटो
बता दें कि कल ही शहाबुद्दीन की राजदेव रंजन हत्याकांड के आरोपी बंटी के साथ तस्वीरें सामने आई थीं। जिनमें वह शहाबुद्दीन की जेल से रिहाई के दौरान उसके साथ ही खड़ा था। इन तस्वीरों पर मचा हंगामा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सोशल मीडिया पर लालू यादव के बेटे तेज प्रताप की बंटी संग तस्वीरें वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों में तेज प्रताप और बंटी एक दूसरे से मुखातिब दिख रहे हैं। जल्द ही मीडिया में भी ये तस्वीरें तैरने लगीं।
हालांकि तेज प्रताप ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि वह हजारों लोग उनके साथ तस्वीर खिंचवाते हैं, ऐसे में वह हर किसी को नहीं जान सकते। हो सकता है कि किसी ने उनके साथ तस्वीर खिंचवा ली हो।
वहीं इस मुद्दे पर पटना में विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेता सुशील मोदी ने तंज कसा, "बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभानअल्लाह।" सुशील मोदी ने कहा कि सरकार और उनके लोगों की असलियत धीरे धीरे सामने आ रही है।
कांग्रेस ने राजद को दी चुनौती दिक्कत है तो छोड़ दें गठबंधन
दूसरी ओर रघुवंश के बयान के बाद जेडीयू और राजद के बीच बढ़ती सियासी लड़ाई में अब कांग्रेस भी कूद पड़ी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सरकार में शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने साफ कहा कि अगर राष्ट्रीय जनता दल को मुख्यमंत्री से कुछ दिक्कत है तो वह अलग हो सकती है। उन्होंने राजद नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बयान देने से पहले मुख्यमंत्री के कद का भी ख्याल रखना चाहिए।
चौधरी ने कहा कि नीतीश परिस्थिति नहीं सर्वसम्मति के मुख्यमंत्री हैं। जिन्हें एक रणनीति के तहत यह पद दिया गया था। हालांकि मामले को ठंडा करने के राजद सुप्रीमो लालू यादव के प्रयासों पर रघुवंश प्रसाद सिंह ने एक बार फिर
पानी डाल दिया। नीतीश पर अपने बयान के लिए लालू की झिड़की खा चुके रघुवंश ने कहा कि वह बोलना नहीं छोड़ेंगे। इस तरह तो लोकतंत्र ही खत्म हो जाएगा।
वहीं खबर ये भी आ रही है कि शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद उठे तूफान को थामने के लिए सरकार ने बाहुबली को दोबारा जेल भेजने की तैयारी कर ली है। इसके लिए उनके पुराने मामलों को तो खंगाला ही जा रहा है सरकार कानूनी सलाह भी ले रही है। संभावना इस बात की भी है कि शहाबुद्दीन के खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट लगाया जा सकता है।