भागलपुर हिंसा: अर्जित शाश्वत को 14 दिन की जेल, अश्विनी चौबे ने बताया विपक्ष की साजिश
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भागलपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोप में अर्जित शाश्वत को पटना से भागलपुर लाया गया था।
#Bhagalpur violence case: Arijit Shashwat sent to 14-day judicial custody, he had surrendered last night. (File Pic) #Bihar pic.twitter.com/3PvDzyueJk
— ANI (@ANI) April 1, 2018विज्ञापन
कोर्ट के फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि शाश्वत के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने झूठी FIR दर्ज करवाई थी। जब उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई तो शाश्वत ने कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए सरेंडर कर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम मांग करते हैं कि मामले की केंद्र और राज्य की एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जांच करवाएं।
False FIR has been registered against him by opposition parties. When his anticipatory bail got denied then he respected the court's decision & surrendered himself. We demand impartial investigation by agencies of center & state: Ashwini Choubey on his son Arijit Shashwat. #Bihar pic.twitter.com/u9KeLkLxI3
— ANI (@ANI) April 1, 2018
शाश्वत के पुलिस हिरासत में आने से पहले फिल्मी ड्रामा हुआ। पुलिस का दावा है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया जबकि शाश्वत ने मीडिया के सामने कहा कि उन्होंने सरेंडर किया है। शनिवार देर रात शाश्वत दर्जनों समर्थकों के साथ शास्त्रीनगर के हनुमान मंदिर पहुंचे थे। यहां एडिशनल एसपी राकेश दुबे की अगुवाई में स्पेशल ब्रांच की टीम ने उन्हें हिरासत में लिया।
गिरफ्तरी के बाद अर्जित ने कहा कि उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह भाग गए थे। उन्होंने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं भागा नहीं था। उन्होंने कहा कि मुझे बेवजह फंसाया जा रहा है। अर्जित ने कहा कि वह न्यायालय का पूरा सम्मान करते हैं और इसलिए वह यहां आए हैं। अगर मुझे भागना होता तो यहां नहीं आता। मैं एक सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ता हूं। उन्होंने कहा कि अगर यहां जय श्रीराम, वंदेमातरम और भारत माता की जय बोलना अपराध है तो मैं अपराधी हूं।
बता दें कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित की भागलपुर कोर्ट में सुनवाई के बाद एडीजे चतुर्थ कुमुद रंजन सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। उल्लेखनीय है कि वारंट जारी होने के बाद शाश्वत फरार चल रहे थे।
अर्जित शाश्वत चौबे भागलपुर के नाथनगर उपद्रव मामले में नामजद आरोपी हैं। इस मामले में अर्जित शाश्वत चौबे, अभय कुमार घोष, प्रमोद वर्मा पम्मी, देव कुमार पांडेय, सुरेंद्र पाठक, अनुप लाल साह, संजय भट्ट, प्रणव साह उर्फ प्रणव दास के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट निर्गत किया है।