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स्टेलेंटिस भारत में करेगी ₹4,000 करोड़ का नया निवेश: जीप और सिट्रोएन की 12 नई गाड़ियां होंगी लॉन्च
Fri, 16 Oct 2026 12:36 AM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:36 AM IST
सार
Jeep और Citroen की पैरेंट कंपनी Stellantis ने भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए करीब ₹4,000 करोड़ के नए निवेश की घोषणा की है।
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Jeep And Citroen to Launch 12 New Cars
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
ग्लोबल ऑटोमोटिव दिग्गज स्टेलेंटिस (Stellantis) ने अपनी नई 'फास्टलेन 2030' रणनीति के तहत भारत में लगभग 4,000 करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा की है। इस भारी-भरकम निवेश के साथ, 2030 तक भारत में स्टेलेंटिस का कुल निवेश 11,000 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
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- समयसीमा और उद्देश्य: यह नया निवेश अगले तीन वर्षों में स्थानीय स्तर पर उत्पादन, नए उत्पादों के विकास और देश में बिजनेस के विस्तार पर खर्च किया जाएगा।
- बढ़ती बिक्री का उत्साह: यह घोषणा कंपनी के बेहतर प्रदर्शन के बीच आई है। स्टेलेंटिस इंडिया ने कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में पहली तिमाही के मुकाबले 35 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है। जबकि अकेले सिट्रोएन (Citroen) की खुदरा बिक्री में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 68 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
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Jeep और Citroen मिलकर कौन से 12 नए उत्पाद लॉन्च करेंगी?
फास्टलेन 2030 रणनीति के तहत कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी दोनों प्रमुख ब्रांड्स- जीप (Jeep) और सिट्रोएन (Citroen) के तहत कुल 12 नए उत्पाद भारतीय बाजार में उतारने जा रही है:- नए और अपडेटेड मॉडल: इन 12 उत्पादों में 7 बिल्कुल नए प्रोडक्ट्स और 5 बड़े अपग्रेड्स शामिल होंगे। इस रोडमैप के तहत पहली लॉन्चिंग 2027 की दूसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।
- सेगमेंट: ये गाड़ियां बी, सी और डी-सेगमेंट की एसयूवी (SUVs), एक एमपीवी (MPV), एक ए-सेगमेंट कार और एक प्रीमियम पिकअप जैसे कई अलग-अलग सेगमेंट को कवर करेंगी।
- ब्रांड-वाइज योजना:
- Jeep: यह ब्रांड प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने पर फोकस करेगा और अपनी ऑफ-रोड पहचान व डिजाइन को बरकरार रखते हुए नए पावरट्रेन विकल्पों के साथ विस्तार करेगा।
- Citroen: यह ब्रांड आराम, डिजाइन और तकनीक पर आधारित किफायती उत्पादों के जरिए मुख्यधारा और अधिक वॉल्यूम वाले सेगमेंट को टारगेट करेगा।
आगामी गाड़ियों में किस तरह के इंजन और पावरट्रेन विकल्प मिलेंगे?
- मल्टी-एर्जी अप्रोच: आने वाले समय में दोनों ब्रांड्स की तरफ से पेश किए जाने वाले पोर्टफोलियो में मल्टी-एर्जी तकनीक देखने को मिलेगी।
- इसमें पारंपरिक इंटरनल कॉम्बशन इंजन (ICE), हाइब्रिड सिस्टम, प्लग-इन हाइब्रिड और बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) शामिल होंगे। ताकि ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार हर विकल्प मिल सके।
स्थानीयकरण और एक्सपोर्ट को लेकर कंपनी की क्या योजना है?
- 90% लोकलाइजेशन: स्टेलेंटिस का लक्ष्य Jeep और Citroen दोनों ब्रांड्स में 90 प्रतिशत तक लोकलाइजेशन हासिल करना है, जिससे गाड़ियों की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।
- भारत बनेगा ग्लोबल एक्सपोर्ट हब: भारत केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल एक्सपोर्ट में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनी वर्तमान में भारत से लगभग 50 देशों में वाहन और पुर्जे एक्सपोर्ट करती है। इसके अलावा, होसुर फैसिलिटी में बनने वाले 95 प्रतिशत इंजन और गियरबॉक्स एक्सपोर्ट किए जाते हैं। फास्टलेन 2030 के तहत भारत में विकसित वाहनों को एशिया-प्रशांत रणनीति के तहत दूसरे देशों में भी भेजा जाएगा।