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Pollution Certificate: दिल्ली में प्रदूषण प्रमाण पत्र की दरें बढ़ीं, जानें अब आपको देना होगा कितना शुल्क
Thu, 11 Jul 2024 08:01 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 11 Jul 2024 08:01 PM IST
सार
दिल्ली सरकार ने तत्काल प्रभाव से दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के प्रदूषण जांच शुल्क में बदलाव कर दिया है। जानें अब आपको कितना शुल्क देना होगा।
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Delhi Traffic
- फोटो : PTI
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने तत्काल प्रभाव से दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के प्रदूषण जांच शुल्क में बदलाव कर दिया है। पेट्रोल, सीएनजी या एलपीजी से चलने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए संशोधित दरें 80 रुपये निर्धारित की गई हैं। इसी दौरान, पेट्रोल, सीएनजी या एलपीजी से चलने वाले चार पहिया वाहनों के लिए नई दरें 110 रुपये निर्धारित की गई हैं। डीजल वाहन मालिकों को अब 140 रुपये की दर से शुल्क अदा करना होगा। राष्ट्रीय राजधानी में 13 साल बाद पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल) शुल्क में बदलाव किया गया है।
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पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि प्रदूषण जांच सेवाओं की बढ़ती लागतों को पूरा करने के लिए पीयूसी शुल्क में संशोधन का फैसला किया गया है।
गहलोत ने कहा, "दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने और प्रदूषण जांच सेवाओं की बढ़ती लागतों को पूरा करने के लिए, हमने दरों में संशोधन का फैसला किया है। हम दिल्ली की वायु गुणवत्ता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सभी वाहन जरूरी प्रदूषण मानकों को पूरा करें।"
गहलोत ने कहा, "दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने और प्रदूषण जांच सेवाओं की बढ़ती लागतों को पूरा करने के लिए, हमने दरों में संशोधन का फैसला किया है। हम दिल्ली की वायु गुणवत्ता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सभी वाहन जरूरी प्रदूषण मानकों को पूरा करें।"
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पीयूसी की नई दरें
पेट्रोल, सीएनजी या एलपीजी से चलने वाले दो और तीन पहिया वाहनों के प्रदूषण जांच शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है। वहीं, चार पहिया वाहनों के लिए लागत 80 रुपये से बढ़कर 110 रुपये हो गई है। डीजल वाहनों के लिए पीयूसी प्रमाण पत्र के लिए बढ़ोतरी सबसे ज्यादा है, जो कि 100 रुपये से 140 रुपये है।
पेट्रोल, सीएनजी या एलपीजी से चलने वाले दो और तीन पहिया वाहनों के प्रदूषण जांच शुल्क 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दिया गया है। वहीं, चार पहिया वाहनों के लिए लागत 80 रुपये से बढ़कर 110 रुपये हो गई है। डीजल वाहनों के लिए पीयूसी प्रमाण पत्र के लिए बढ़ोतरी सबसे ज्यादा है, जो कि 100 रुपये से 140 रुपये है।
पीयूसी प्रमाण पत्र की वैधता
पीयूसी प्रमाण पत्र की वैधता सीमित होती है और वाहन पर निर्भर करती है। बिल्कुल नए वाहन के लिए पीयूसी की वैधता एक वर्ष होगी। जिसके बाद कार और दोपहिया वाहन चालकों को हर छह महीने में अपने पीयूसी प्रमाण पत्र का रिन्यु (नवीनीकरण) कराना होगा।
कितना है जुर्माना
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र नहीं पाया जाता है, तो उसे छह महीने तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।
पीयूसी प्रमाण पत्र की वैधता सीमित होती है और वाहन पर निर्भर करती है। बिल्कुल नए वाहन के लिए पीयूसी की वैधता एक वर्ष होगी। जिसके बाद कार और दोपहिया वाहन चालकों को हर छह महीने में अपने पीयूसी प्रमाण पत्र का रिन्यु (नवीनीकरण) कराना होगा।
कितना है जुर्माना
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र नहीं पाया जाता है, तो उसे छह महीने तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।
बिना पीयूसी वाले वाहनों की संख्या
परिवहन विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि शहर में बिना प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के चलने वाले 85 प्रतिशत से ज्यादा वाहन दोपहिया वाहन हैं। अब तक, दिल्ली में कुल 97 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं। जिनमें 27.8 लाख कार और 69.8 लाख दोपहिया वाहन शामिल हैं। चिंता की बात यह है कि लगभग 22 लाख वाहनों के पास जरूरी पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं हैं।
परिवहन विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि शहर में बिना प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के चलने वाले 85 प्रतिशत से ज्यादा वाहन दोपहिया वाहन हैं। अब तक, दिल्ली में कुल 97 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं। जिनमें 27.8 लाख कार और 69.8 लाख दोपहिया वाहन शामिल हैं। चिंता की बात यह है कि लगभग 22 लाख वाहनों के पास जरूरी पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं हैं।