Car Buying: नई कार खरीदने से पहले क्या हैं जरूरी चेकलिस्ट, घर लाने से पहले कैसे करें प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन?
नई कार की डिलीवरी लेना जितना रोमांचक होता है, उतनी ही सावधानी भी जरूरी होती है। जल्दबाजी में की गई छोटी गलतियां आगे चलकर बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं। इस लेख में हमने पूरी चेकलिस्ट बताई है जो आपको गाड़ी की डिलीवरी लेने से पहले फॉलो करना चाहिए।
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नई कार लेना सभी के लिए बेहद रोमांचक होता है लेकिन अक्सर जल्दबाजी में लोग गलतियां कर बैठते हैं, जिसका पश्चाताप बाद में होता है। अपनी नई गाड़ी को शोरूम से बाहर निकालने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बहुत आवश्यक है। यहां हम आपको एक चेकलिस्ट दे रहे हैं, जिसे आपको अपनी नई कार की डिलीवरी लेते समय जरूर फॉलो करना चाहिए।
1. कार रजिस्ट्रेशन से पहले क्या करना है?
कार का रजिस्ट्रेशन आपके नाम पर हो, इससे पहले आप डीलरशिप के स्टॉकयार्ड में जाकर कार की जांच कर लें। एक बार गाड़ी रजिस्टर हो गई, तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर पाएंगे। खासकर साल के शुरू में (जनवरी-मार्च) कार खरीदते समय खास ध्यान रहें। डीलर से निर्माता के जरिए जारी किया जाने वाला 'फॉर्म 22' मांगें। इसमें इंजन/चेसिस नंबर और रोड-वर्थनेस सर्टिफिकेट पर बनने का महीना और साल लिखा होता है। सुनिश्चित करें कि आपको पुरानी कार न दी जा रही हो। अगर ओडोमीटर का तार हटा हुआ है, तो संभव है कि कार का इस्तेमाल टेस्ट-ड्राइव के लिए किया गया होगा। ऐसी कार स्वीकार न करें। कार पर किसी तरह की मरम्मत या निशान की जांच करें। संभव है कि गाड़ी लाते या ले जाते समय थोड़ा नुकसान हुआ हो जोकि आम है, लेकिन अगर मरम्मत की गई है तो उसे ध्यान से देखें। डीलरशिप इनवॉइस पर टैक्स कैलकुलेशन की जांच करें। RTO या अन्य टैक्स के नाम पर ज्यादा पैसे वसूलना एक आम स्कैम है। केवल वास्तविक सरकारी शुल्क ही दें।
2. डिलीवरी की तैयारियां कैसे करें?
डिलीवरी का समय पहले से तय कर लें। कोशिश करें कि आप दिन के उजाले में ही डिलीवरी लें, क्योंकि रात के अंधेरे में कार की खरोंचें या कमियां छिप सकती हैं। सभी जरूरी फॉर्म, रसीदें और पेमेंट के लिए चेक/ड्राफ्ट या कार्ड साथ रखें। किसी दोस्त या रिश्तेदार को साथ ले जाएं। उनकी राय और अवलोकन बहुत काम आ सकते हैं। यादें संजोने के लिए कैमरा, म्यूजिक सिस्टम चेक करने के लिए पेन ड्राइव/सीडी साथ लेकर जा सकते हैं।
3. शोरूम में पहुंच कर क्या करें?
यह खुशी का मौका है। सेल्स स्टाफ के साथ अच्छा व्यवहार करें, इससे आपको बेहतर सर्विस मिलेगी। यह सेल्सपर्सन का काम है कि वह आपको कार के फीचर्स समझाए। उससे कार के हर बटन और फंक्शन के बारे में पूछें। सर्विस मैनेजर से मिलें और देखें कि सर्विस सेंटर की सुविधाएं कैसी हैं।
4. अंतिम निरीक्षण कैसे करें?
रजिस्ट्रेशन से पहले की जांच और डिलीवरी के दिन के बीच काफी कुछ हो सकता है। कार के चारों ओर घूमकर दोबारा जांच करें। कार अंदर और बाहर से बिल्कुल साफ होनी चाहिए। पेंट में कोई अंतर या निशान न हो। सभी लाइट्स, इंडिकेटर, वाइपर और इलेक्ट्रिक एक्सेसरीज चलाकर देखें। स्पेयर व्हील, जैक, पाना और टूल किट चेक करें। फर्स्ट-एड किट और वॉर्निंग ट्राइएंगल भी देखें। नई कार का ओडोमीटर 100 किमी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। सुनिश्चित करें कि पेट्रोल पंप तक जाने के लिए पर्याप्त ईंधन हो। अक्सर नई कारों में टायर का हवा का दबाव बहुत ज्यादा होता है, उसे ठीक करवाएं। अपनी RC और नंबर प्लेट के नंबर का मिलान करें। अक्सर डीलर ये गलती करते हैं कि गाड़ी के आगे और पीछे का नंबर अलग होता है।
5. दस्तावेजीकरण कैसे करें?
कागज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे पूरा पढ़ें। किसी की बातों में न आएं, सिर्फ लिखित में भरोसा करें। सुनिश्चित करें कि इनवॉइस पर लिखा चेसिस और इंजन नंबर कार से मेल खाता हो। सभी पेमेंट की रसीदें लें। चेक करें कि आपका नाम और पता सही लिखा है या नहीं। सुनिश्चित करें कि पॉलिसी चालू हो और उसमें कवरेज सही हो। नई कार का ओरिजिनल PUC जोकि 1 साल के लिए मान्य होता है। ओनर मैनुअल और डुप्लीकेट चाबी जरूर लें। बैटरी, टायर और कार की वारंटी पर डीलर की मुहर लगी होनी चाहिए। रोड-साइड असिस्टेंस और सर्विस सेंटर के नंबर अपने फोन में सेव कर लें।