ऑटो सेक्टर में शुरू होने वाली है 'डाटा' की लड़ाई, इस जंग में कौन होगा हीरो और विलेन, पढ़ें ये खबर
- तकरीबन सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किए
- कंपनियों के इस कदम से डीलर्स को हुई बैचेनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लग्जरी कार निर्माता कंपनी ऑडी ने हाल ही में ऑनलाइन कार बेचने का एलान किया है। वहीं देश की तकरीबन सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आ चुकी हैं। उधर, डीलर भी ग्राहकों को लुभाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। डीलर भी अब इस ऑनलाइन बिक्री की ‘जंग’ में कूद चुके हैं और कुछ कूदने की तैयारी कर रहे हैं।
लॉकडाउन से डीलर्स पर पड़ी मार
अप्रैल का महीना ऑटोमोबाइल कंपनी के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा है, जब किसी कार कंपनी की एक कार घरेलू बाजार में नहीं बिकी। इसकी वजह थी कि अप्रैल का पूरा महीना लॉकडाउन में बीत गया। आम जनता समेत डीलर का स्टाफ भी इस दौरान घर में कैद रहा। जीरो बिक्री हुई, ऊपर से शोरूम-गोदाम का किराया और सैलरी अलग देनी पड़ी। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली वाली कहावत डीलरों के गले पड़ गई।
कंपनियां लाईं डिजिटल प्लेटफॉर्म
अप्रैल की मार डीलरों के साथ ऑटो कंपनियों पर भी भारी पड़ी। कंपनियों ने तो शोरूम्स के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स लागू कर दिए। साथ ही मारुति, ह्यूंदै, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म लाने का भी एलान कर दिया। वहीं अब कंपनियों की देखादेखी मल्टीब्रांड डीलर्स भी अब अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं।चाहिए ग्राहकों का डेटा
ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि असल में अब लड़ाई डाटा की है। लॉकडाउन से जो बिगड़ना था, बो बिगड़ चुका है, लेकिन ग्राहक का डाटा हासिल करने के बाद कस्टमर से आप लाइफटाइम कनेक्ट हो सकते हो। डीलर्स और कंपनियां कस्टमर रिलेशन मैनेजर से ऊपर उठना चाहती हैं और ग्राहके के संबंधों को भुनाना चाहती हैं।
मल्टीब्रांड रिटेलर्स फायदे में
मल्टीब्रांड रिटेलर्स के लिए तो यह फायदे का सौदा है। इससे न केवल उन्हें उन्हें क्रॉस सेल्स का मौका मिलेगा, साथ ही ऑटो कंपनियों के ऊपर भी निर्भरता कम होगी। मसलन आप मल्टीब्रांड डीलर के यहां एक कार पसंद करते हैं, लेकिन किसी वजह से डील नहीं हो पाती है तो वह डीलर डिस्काउंट या ऑफर्स के जरिए आपको किसी दूसरी कंपनी की कार बेच सकता है।
डीलर्स को नहीं है भरोसा
राजधानी के एक मल्टीब्रांड डीलर का कहना है कि कंपनियों की कोशिश सोशल मीडिया पर भी अपना प्रभाव जमाने की है। वे न केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आ रहे हैं, बल्कि वेबसाइट, नई भर्तियों और इंसेटिव स्कीम्स के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि कहीं न कहीं डीलर्स के मन में यह बात घर कर गई है कि कंपनियां ग्राहक पर अपना नियंत्रण रखना चाहती हैं। उन्हें पता है कि ग्राहक लॉकडाउन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शोरूम तक आने में झिझकेंगे, जिसका फायदा कंपनियां उठाना चाहती हैं।
जोर पकड़ेगा ट्रेंड
इस सेक्टर से जुड़े एक एक्सपर्ट का कहना है कि जल्द ही इस ट्रेंड में और तेजी आने की उम्मीद है। वह कहते हैं कि जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आपको ऑटोमोबाइल डीलर्स की बाढ़ देखने को मिलेगी। यहां तक कि कुछ डीलर्स सर्च इंजन के साथ समझौते भी कर रहे हैं, ताकि ग्राहकों की लीड्स मिल सकें।