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Sunroof: कार का वह बेकार फीचर जिसे ज्यादातर लोग चाहते हैं, लेकिन कुछ को ही है इसकी जरूरत, जानें डिटेल्स
Wed, 18 Sep 2024 07:54 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 18 Sep 2024 07:54 PM IST
सार
भारतीय कारों में कभी लग्जरी की निशानी मानी जाने वाली सनरूफ अब भारत में हर प्राइस रेंज की कारों में एक आम फीचर बन गई है। यह इन दिनों कारों में एक लोकप्रिय और सबसे ज्यादा मांग वाला फीचर है। लेकिन क्या यह वास्तव में उपयोगी है?
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Car Sunroof
- फोटो : Freepik
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विस्तार
भारतीय कारों में कभी लग्जरी की निशानी मानी जाने वाली सनरूफ अब भारत में हर प्राइस रेंज की कारों में एक आम फीचर बन गई है। आज, आप इसे हाई-एंड एसयूवी से लेकर बजट-फ्रेंडली सब-कॉम्पैक्ट सेडान और हैचबैक तक हर मॉडल में पा सकते हैं। यह इन दिनों कारों में एक लोकप्रिय और सबसे ज्यादा मांग वाला फीचर है। लेकिन क्या यह वास्तव में उपयोगी है? आइए इस पर नजर डालते हैं।
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इन दिनों, भारत में बिकने वाली 25 प्रतिशत से ज्यादा नई कारें सनरूफ के साथ आती हैं। जो पांच साल पहले सिर्फ 7 प्रतिशत थी, जो कि एक बड़ी छलांग है।
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दरअसल, एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन मॉडलों में यह फीचर दी जाती है, उनमें सनरूफ कार की बिक्री को 55 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। भारत में कुछ निर्माताओं के लिए, उनकी 60 प्रतिशत से ज्यादा बिक्री मिड या हाई-एंड ट्रिम्स से आती है, जिनमें सनरूफ का फीचर दिया जाता है।
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सनरूफ की जरूरत क्यों नहीं है?
जबकि सनरूफ लग्जरी का अहसास कराता है और केबिन को ज्यादा विशाल महसूस कराता है। लेकिन यह अक्सर रोजमर्रा की उपयोगिता के मामले में ज्यादा कुछ नहीं देता है। कई लोगों के लिए, यह व्यावहारिक फीचर से ज्यादा दिखावे वाला फीचर है।
जबकि सनरूफ लग्जरी का अहसास कराता है और केबिन को ज्यादा विशाल महसूस कराता है। लेकिन यह अक्सर रोजमर्रा की उपयोगिता के मामले में ज्यादा कुछ नहीं देता है। कई लोगों के लिए, यह व्यावहारिक फीचर से ज्यादा दिखावे वाला फीचर है।
भारत का मौसम इसके उलट है। यह भीषण गर्मियों से लेकर भारी बारिश तक हो सकता है। इसलिए, यह सनरूफ को हमेशा व्यावहारिक नहीं बनाता है। यह लीकेज जैसी रखरखाव की समस्याओं को भी पैदा कर सकता है। और सनरूफ का मैकेनिज्म जितना अतिरिक्त वजन और जगह घेरता है, उससे यह हर किसी के लायक नहीं हो सकता है। साथ ही, सनरूफ अक्सर ज्यादा कीमत के साथ आता है, जो आमतौर पर टॉप-एंड मॉडल पर पाया जाता है।
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- फोटो : Freepik
इसके अलावा सुरक्षा का मुद्दा भी अहम है। कुछ लोग तो अपने बच्चों या यहां तक कि खुद भी सनरूफ से बाहर अपना सिर निकालने के लिए जाने जाते हैं। जो न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि अवैध भी है।
साफ तौर पर सनरूफ का आकर्षण वास्तव में व्यावहारिक होने की बजाए अच्छा दिखने के बारे में ज्यादा है। ऐसे देश में जहां व्यावहारिकता अक्सर सबसे ज्यादा मायने रखती है, सनरूफ एक ट्रेंडी फीचर बना हुआ है। जिसे बहुत से लोग चाहते हैं. लेकिन जरूरी नहीं कि इसकी जरूरत हो।