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सितंबर 2026 में दोपहिया वाहन खुदरा बिक्री ने क्या नया कीर्तिमान बनाया है?: 2018 का रिकॉर्ड टूटा, जानें डिटेल्स
Tue, 06 Oct 2026 08:44 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:44 PM IST
सार
भारत के दोपहिया वाहन बाजार ने सितंबर 2026 में अब तक की सबसे मजबूत खुदरा बिक्री दर्ज की। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में 17,90,188 दोपहिया वाहन बिके।
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Two-wheelers September Sales
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारतीय टू-व्हीलर उद्योग ने सितंबर 2026 में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन रिटेल प्रदर्शन दर्ज किया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने देश भर में 17,90,188 दोपहिया वाहन बेचे गए।
यह आंकड़ा सितंबर 2025 की तुलना में 33.08 प्रतिशत की सालाना (YoY) वृद्धि और अगस्त 2026 के मुकाबले 4.41 प्रतिशत की महीने-दर-महीने (MoM) वृद्धि को दर्शाता है। सबसे खास बात यह है कि सितंबर 2026 का यह आंकड़ा कोविड से पहले के साल 2018 के ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड से भी 15.3 प्रतिशत अधिक रहा।
फाडा के आंकड़ों से पता चलता है कि यह वृद्धि देश के हर हिस्से में लगभग एक समान रही है। हालांकि, त्योहारी सीजन की शुरुआती तेजी में शहरों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर दिखा:
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दोपहिया वाहनों की इस रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री के पीछे कई अहम बाजार रुझान और नीतियां जिम्मेदार रही हैं:
फाडा का मानना है कि त्योहारी सीजन की खरीदारी, ग्रामीण नकदी प्रवाह, आसान फाइनेंस विकल्पों और ईवी में बढ़ती रुचि के कारण अक्टूबर महीने के शुभ दिनों में मजबूत बुकिंग-टू-रिटेल रूपांतरण देखने को मिलेगा।
मुख्य बातें और संभावित चुनौतियां:
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यह आंकड़ा सितंबर 2025 की तुलना में 33.08 प्रतिशत की सालाना (YoY) वृद्धि और अगस्त 2026 के मुकाबले 4.41 प्रतिशत की महीने-दर-महीने (MoM) वृद्धि को दर्शाता है। सबसे खास बात यह है कि सितंबर 2026 का यह आंकड़ा कोविड से पहले के साल 2018 के ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड से भी 15.3 प्रतिशत अधिक रहा।
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ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की मांग कैसी रही?
फाडा के आंकड़ों से पता चलता है कि यह वृद्धि देश के हर हिस्से में लगभग एक समान रही है। हालांकि, त्योहारी सीजन की शुरुआती तेजी में शहरों का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर दिखा:
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- सालाना आधार पर (YoY) वृद्धि: ग्रामीण बाजारों में 33.11 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई, वहीं शहरी बाजारों में यह आंकड़ा लगभग बराबर 33.06 प्रतिशत रहा।
- महीने-दर-महीने (MoM) वृद्धि: त्योहारी सीजन की शुरुआती खरीदारी में शहरी इलाकों ने बाजी मारी। सितंबर में शहरी टू-व्हीलर रिटेल बिक्री 5.29 प्रतिशत (MoM) बढ़ी, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह क्रमिक बढ़त 3.62 प्रतिशत दर्ज की गई।
- मेट्रो शहरों की वापसी: फाडा के अनुसार, देश के बड़े और मेट्रो शहरों में उपभोक्ता मांग में एक बार फिर मजबूत सुधार देखा गया है।
बिक्री के इस ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड के पीछे कौन से मुख्य कारक रहे?
दोपहिया वाहनों की इस रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री के पीछे कई अहम बाजार रुझान और नीतियां जिम्मेदार रही हैं:
- प्रीमियम बाइक्स और EV की ओर झुकाव: ग्राहकों में प्रीमियम बाइक्स खरीदने की उत्सुकता और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के तेजी से बढ़ते चलन ने इस सेगमेंट को बड़ा सहारा दिया। सितंबर 2026 में कुल टू-व्हीलर रिटेल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 11.58 प्रतिशत तक पहुंच गई।
- पेट्रोल की कीमतें और इथेनॉल की चिंता: पेट्रोल के उच्च दामों और इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं की आशंकाओं के साथ-साथ ईवी के कम रखरखाव खर्च ने ग्राहकों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ आकर्षित किया।
- सरकारी नीतियां और किफायती दरें: जीएसटी 2.0 व्यवस्था के तहत टैक्स दरों में कटौती और स्थिर रेपो रेट के चलते गाड़ियां अधिक किफायती हुईं। इसके साथ ही वाहन निर्माताओं द्वारा दिए गए डिस्काउंट्स, ऑफर्स और नए मॉडलों की लॉन्चिंग ने उपभोक्ता भावना को काफी मजबूत किया।
अक्तूबर महीने और आगामी त्योहारी सीजन को लेकर फाडा का क्या अनुमान है?
फाडा का मानना है कि त्योहारी सीजन की खरीदारी, ग्रामीण नकदी प्रवाह, आसान फाइनेंस विकल्पों और ईवी में बढ़ती रुचि के कारण अक्टूबर महीने के शुभ दिनों में मजबूत बुकिंग-टू-रिटेल रूपांतरण देखने को मिलेगा।
मुख्य बातें और संभावित चुनौतियां:
- सकारात्मक पहलू: अनुकूल उपभोक्ता भावना और जीएसटी 2.0 का प्रभाव इस बिक्री की गति को आगे भी बनाए रखेगा।
- सावधानी के बिंदु: ऑटो संगठन ने सचेत किया है कि पिछले साल के उच्च अक्टूबर बेस (जीएसटी लागू होने के दौरान की तेज बिक्री), फास्ट-मूविंग मॉडलों की आपूर्ति स्थिति, अक्टूबर में संभावित मूल्य वृद्धि और कम बारिश वाले इलाकों में मांग का रुख ऐसे कारक हैं जिन पर बारीक नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।