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सितंबर 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में कितनी बढ़ोतरी दर्ज की गई?: जानें कौन कंपनी किससे आगे?
Sat, 03 Oct 2026 07:29 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Sat, 03 Oct 2026 07:29 PM IST
सार
भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार ने सितंबर 2026 में तेज रफ्तार से बढ़त दर्ज की है। हालांकि, ताजा बिक्री आंकड़ों की सबसे बड़ी तस्वीर सिर्फ बिक्री बढ़ने तक सीमित नहीं है। जानें ईवी बाजार का पूरा हाल।
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Electric Cars Sales
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के वाहन (Vahan) पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में भारतीय इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (EV) बाजार में भारी उछाल दर्ज किया गया है। सितंबर महीने में ईवी रजिस्ट्रेशंस सालाना आधार पर 95 प्रतिशत बढ़कर 34,894 यूनिट्स पर पहुंच गए, जो पिछले साल इसी अवधि में 17,924 यूनिट्स थे।
इसके साथ ही, कुल पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशंस में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.2 प्रतिशत हो गई है, जो एक साल पहले 5.7 प्रतिशत थी। अगस्त महीने की मामूली गिरावट को छोड़ दिया जाए तो मार्च 2026 से हर महीने बिक्री में लगातार वृद्धि देखी गई है।
वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों (जनवरी-सितंबर) में कुल इलेक्ट्रिक कार रजिस्ट्रेशंस 83 प्रतिशत बढ़कर 2,48,890 यूनिट्स हो गए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,35,682 यूनिट्स थे।
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इसके साथ ही, कुल पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशंस में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.2 प्रतिशत हो गई है, जो एक साल पहले 5.7 प्रतिशत थी। अगस्त महीने की मामूली गिरावट को छोड़ दिया जाए तो मार्च 2026 से हर महीने बिक्री में लगातार वृद्धि देखी गई है।
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वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों (जनवरी-सितंबर) में कुल इलेक्ट्रिक कार रजिस्ट्रेशंस 83 प्रतिशत बढ़कर 2,48,890 यूनिट्स हो गए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,35,682 यूनिट्स थे।
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ईवी बाजार में टाटा मोटर्स और महिंद्रा का कितना दबदबा बरकरार है?
भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में टाटा मोटर्स (Tata Motors) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra) अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं:- टाटा मोटर्स: सितंबर महीने में 42.2 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ टाटा मोटर्स ने मार्केट लीडर का स्थान बरकरार रखा। वर्ष 2020 में ईवी सेगमेंट में प्रवेश करने के बाद कंपनी ने पहली बार एक साल में 1,00,000 से अधिक इलेक्ट्रिक कारें बेचकर नया कीर्तिमान बनाया है। इसका ईयर-टू-डेट (YTD) मार्केट शेयर 40.9 प्रतिशत रहा।
- महिंद्रा: महिंद्रा 22.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। YTD आधार पर महिंद्रा की बाजार हिस्सेदारी 4.6 प्रतिशत बढ़कर 23.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
मारुति सुजुकी और विनफास्ट जैसी नई कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारतीय ईवी बाजार में सबसे बड़ा बदलाव नए ब्रांड्स के प्रवेश से देखने को मिल रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धी माहौल तेजी से बदल रहा है:- VinFast: वियतनामी ऑटोमेकर विनफास्ट ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए सितंबर में 8.5 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की। YTD आधार पर कंपनी की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत हो चुकी है।
- Maruti Suzuki: मारुति सुजुकी ने अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक SUV e Vitara के साथ ईवी सेगमेंट में कदम रखते ही सितंबर में 3.1 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की। YTD आधार पर मारुति का शेयर 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
बाजार के विस्तार से स्थापित कंपनियों पर क्या असर पड़ा है?
नए खिलाड़ियों के आने और कुल बाजार के तेजी से फैलने के कारण कुछ स्थापित कंपनियों के मार्केट शेयर में गिरावट दर्ज की गई है:- JSW MG Motor: सितंबर में एमजी मोटर की बिक्री में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन कुल बाजार के तेजी से बढ़ने के कारण इसकी बाजार हिस्सेदारी घटकर 15 प्रतिशत रह गई।
- BYD: बीवायडी (BYD) की बिक्री 13.5 प्रतिशत बढ़कर 831 यूनिट्स रही, लेकिन इसका सितंबर मार्केट शेयर पिछले साल के 4.1 प्रतिशत से घटकर 2.4 प्रतिशत पर आ गया।
- Hyundai: ह्यूंदै की YTD बिक्री 18.3 प्रतिशत घटकर 4,972 यूनिट्स रह गई, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी घटकर 2 प्रतिशत पर आ गई है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज होने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं:- विविध विकल्प और किफायती मॉडल: विभिन्न बजट श्रेणियों में नए-नए ईवी मॉडल्स का बाजार में आना।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: देशभर में चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार।
- ईंधन की कीमतें: भू-राजनीतिक तनावों के बीच पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बढ़ती कीमतें।
- सरकारी नीतियां: सरकार ने PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) योजना को मार्च 2028 तक बढ़ा दिया है, जिससे ईवी अपनाने और चार्जिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है।