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Ethanol: गडकरी का पेट्रोल लॉबी पर वार, कहा- मुझे एक भी कार दिखाइए जो इथेनॉल से खराब हुई हो

Sat, 09 Aug 2025 05:30 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 09 Aug 2025 05:30 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इथनॉल के इस्तेमाल से गाड़ियां खराब होने की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये अफवाहें पेट्रोल लॉबी द्वारा फैलाई जा रही हैं।

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Gadkari Slams Petrol Lobby Propaganda on Ethanol Fuel: Name One Car That’s Been Damaged
Nitin Gadkari - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इथनॉल के इस्तेमाल से गाड़ियां खराब होने की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये अफवाहें पेट्रोल लॉबी द्वारा फैलाई जा रही हैं। एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने पूछा, "20 प्रतिशत एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल डालने से क्या देश में किसी एक भी कार को दिक्कत आई है? जरा एक नाम तो बताइए।" 
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"पेट्रोलियम लॉबी फैला रही है अफवाहें"
गडकरी ने कहा कि वाहनों में इथेनॉल-मिश्रित ईंधन को लेकर जो संदेह है, उसके पीछे पेट्रोलियम लॉबी का हाथ है, जो सोशल मीडिया पर शोर मचाती है। उन्होंने SIAM (सियाम) और ARI (एआरआई) जैसी संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक एक भी कार को एथनॉल-पेट्रोल से कोई नुकसान नहीं हुआ है।

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कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि क्या 22 लाख करोड़ रुपये का तेल आयात कम नहीं होना चाहिए? क्या दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिलनी चाहिए? उन्होंने बताया कि हमारे पास चावल, मक्का और गेहूं की भरपूर पैदावार है, जिसका इस्तेमाल एथनॉल बनाने में किया जा सकता है। मक्का की कीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच चुकी है, और इसकी वजह एथनॉल की बढ़ती मांग है।

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गडकरी ने यह भी कहा कि अगर ऊर्जा और पावर सेक्टर में विविधता लाई जाए, तो कृषि क्षेत्र का योगदान 12 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत तक किया जा सकता है। उन्होंने माना कि इसमें कुछ लोगों के निहित स्वार्थ हो सकते हैं। लेकिन चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकारी संस्थाएं हर चीज का परीक्षण करती हैं और मंत्रालय मानक तय करता है।

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हाईवे निर्माण और रेयर अर्थ मेटल्स पर फोकस
गडकरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रतिदिन 38 किमी हाईवे बनाने का लक्ष्य है, और भविष्य में इसे 100 किमी प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा, "अब तक 2.5 लाख करोड़ रुपये के हाईवे प्रोजेक्ट दिए जा चुके हैं, और इस वित्त वर्ष के अंत तक इसे 10 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।" गडकरी के मुताबिक, सड़क परिवहन क्षेत्र देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

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चीन के रेयर अर्थ मेटल्स पर प्रतिबंध को चुनौती मानते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार घरेलू लिथियम खनन को तेज करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, "खनन क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं, और आसान नीतियों के साथ अगर सभी पर्यावरणीय मंजूरियां छह महीने में मिल जाएं, तो इस काम में तेजी आ सकती है।" 

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