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EV Two-Wheeler: रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी से संकट में EV टू-व्हीलर सेगमेंट, जुलाई में घट सकता है प्रोडक्शन
Sun, 06 Jul 2025 12:56 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:56 PM IST
सार
Rare Earth Magnet Shortage: चीन से रेयर अर्थ मैगनेट की सप्लाई बाधित होने से भारत के बड़े EV टू-व्हीलर निर्माताओं को जुलाई में उत्पादन घटाना पड़ सकता है। इन मैग्नेट्स की कमी से बजाज, एथर और टीवीएस के प्रोडक्शन पर सीधा असर पड़ने वाला है।
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इलेक्ट्रिक स्कूटर प्लांट
- फोटो : AI
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विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट की दिग्गज कंपनियां बजाज, एथर और टीवीएस को इस महीने अपने उत्पादन में कटौती कर सकती हैं। चीन से रेयर अर्थ मैगनेट की आपूर्ति में लगातार चौथे महीने कमी से कंपनियों को उद्पादन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन मैग्नेट्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों में ट्रैक्शन मोटर्स के निर्माण में होता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह संकट EV सेक्टर की तेज रफ्तार ग्रोथ को धीमा कर सकता है।
कंपनियां घटाएंगी प्रोडक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजाज ऑटो, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा EV टू-व्हीलर निर्माता है, जुलाई में अपना उत्पादन आधा कर सकता है। वहीं, एथर एनर्जी अपने प्रोडक्शन में 8-10 प्रतिशत की कटौती की तैयारी में है। टीवीएस, जो पिछले तीन महीनों से EV बिक्री में टॉप पर रही है, उसे भी उत्पादन घटाना पड़ सकता है।
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यह भी पढ़ें: दिल्ली में अब ओला-उबर टैक्सियां 8 साल में हो जाएंगी रिटायर, ड्राइवर को इस जगह लगाना होगा लाइसेंस
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइक मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने पहले ही चेताया था कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो कई कंपनियों को उत्पादन घटाना पड़ सकता है।
अन्य विकल्पों पर चर्चा
उद्योग और केंद्र सरकार मिलकर चीन के अधिकारियों से मैग्नेट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई फिर शुरू करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। साथ ही वियतनाम, इंडोनेशिया और जापान जैसे विकल्पों पर भी चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
यह भी पढ़ें: 100 साल पुरानी विंटेज कारें चलें तो ठीक, लेकिन आम गाड़ियां 15 साल में ही स्क्रैप, ऐसा क्यों?
EV टू-व्हीलर बिक्री बढ़ी
अगर यह स्थिति लंबी चली, तो पूरा EV टू-व्हीलर सेगमेंट प्रभावित हो सकता है। जबकि चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में EV टू-व्हीलर की बिक्री 34% की वृद्धि के साथ 2.98 लाख यूनिट्स तक पहुंच चुकी है।
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इन मैग्नेट्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों में ट्रैक्शन मोटर्स के निर्माण में होता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह संकट EV सेक्टर की तेज रफ्तार ग्रोथ को धीमा कर सकता है।
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कंपनियां घटाएंगी प्रोडक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजाज ऑटो, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा EV टू-व्हीलर निर्माता है, जुलाई में अपना उत्पादन आधा कर सकता है। वहीं, एथर एनर्जी अपने प्रोडक्शन में 8-10 प्रतिशत की कटौती की तैयारी में है। टीवीएस, जो पिछले तीन महीनों से EV बिक्री में टॉप पर रही है, उसे भी उत्पादन घटाना पड़ सकता है।
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सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइक मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने पहले ही चेताया था कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो कई कंपनियों को उत्पादन घटाना पड़ सकता है।
अन्य विकल्पों पर चर्चा
उद्योग और केंद्र सरकार मिलकर चीन के अधिकारियों से मैग्नेट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई फिर शुरू करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। साथ ही वियतनाम, इंडोनेशिया और जापान जैसे विकल्पों पर भी चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
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EV टू-व्हीलर बिक्री बढ़ी
अगर यह स्थिति लंबी चली, तो पूरा EV टू-व्हीलर सेगमेंट प्रभावित हो सकता है। जबकि चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में EV टू-व्हीलर की बिक्री 34% की वृद्धि के साथ 2.98 लाख यूनिट्स तक पहुंच चुकी है।