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New Rule: दिल्ली में अब ओला-उबर टैक्सियां 8 साल में हो जाएंगी रिटायर, ड्राइवर को इस जगह लगाना होगा लाइसेंस

Thu, 03 Jul 2025 06:27 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Thu, 03 Jul 2025 06:27 PM IST
सार

New Rule For Cab Aggregators: दिल्ली में ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब एग्रीगेटर्स अब आठ साल से ज्यादा पुराने वाहन नहीं चला सकेंगे। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के तहत अब ड्राइवरों का मानसिक परीक्षण कराना भी अनिवार्य होगा।

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cab aggregators to run vehicles to maximum 8 years in fleet in delhi
ओला कैब्स - फोटो : ola cabs

विस्तार

दिल्ली सहित पूरे देश में अब कैब एग्रीगेटर्स जैसे ओला, उबर, रैपिडो (और अन्य) आठ साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियां अपनी फ्लीट में नहीं रख सकेंगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एग्रीगेटर्स के लिए जो संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं, उसके मुताबिक अब कार, बस, ऑटो और बाइक जैसी सवारी गाड़ियां यदि आठ साल से ज्यादा पुरानी हैं, तो वे प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल नहीं की जा सकेंगी।
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इसके साथ ही सभी एग्रीगेटर्स को राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित इलेक्ट्रिक और जीरो-एमिशन वाहनों की न्यूनतम भागीदारी के लक्ष्य को भी अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। इसका मकसद ईवी (EV) को बढ़ावा देकर प्रदूषण को कम करना है।
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गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि चालक का ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन परमिट ड्राइवर की सीट के पास स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि यात्री उसे आसानी से देख सकें।

सड़क परिवहन मंत्रालय ने पहली बार तीन-पहिया वाहन और निजी मोटरसाइकिलों को भी एग्रीगेटर नीति में शामिल किया है, क्योंकि कुछ राज्यों में बाइक टैक्सी को लेकर भ्रम की स्थिति थी। इससे अब राज्यों को स्पष्ट दिशा मिलेगी कि किन वाहनों को एग्रीगेटर सेवाओं में अनुमति दी जा सकती है।


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नई गाइडलाइन के तहत एग्रीगेटर्स को अपने ड्राइवरों का साइकोलॉजिकल एनालिसिस (मनोवैज्ञानिक परीक्षण) भी कराना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह प्लेटफॉर्म पर सेवा देने के योग्य हैं या नहीं।

इसके अलावा, एग्रीगेटर्स अब ऑनबोर्ड ड्राइवरों को किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने से रोक नहीं सकते। यानी कोई ड्राइवर चाहे तो एक से ज्यादा एग्रीगेटर के साथ काम कर सकता है।
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