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EV: नेपाल में इलेक्ट्रिक वाहनों की धूम, देश को तेल के आयात में लाखों डॉलर बचाने में कर रहा है मदद

Thu, 06 Jun 2024 06:17 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 06 Jun 2024 06:17 PM IST
सार

नेपाल की प्रचुर मात्रा में हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर (जलविद्युत ऊर्जा) हिमालयी राष्ट्र को अपने तेल आयात में कटौती और हवा को साफ करने में मदद कर रही है। इसका श्रेय इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी को दिया जा रहा है। 

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electric car sale in nepal helps cut its oil imports electric vehicles sales in nepal
Electric Car - फोटो : istock

विस्तार

नेपाल की प्रचुर मात्रा में हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर (जलविद्युत ऊर्जा) हिमालयी राष्ट्र को अपने तेल आयात में कटौती और हवा को साफ करने में मदद कर रही है। इसका श्रेय इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी को दिया जा रहा है। 
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नेपाल में उत्पादित लगभग सभी बिजली स्वच्छ ऊर्जा है, इसका ज्यादातर हिस्सा नदी आधारित जल विद्युत से जेनरेट होता है। सीमा शुल्क (कस्टम) आंकड़ों के अनुसार, इतने भरपूर स्रोत की बदौलत, देश तेजी से चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और पिछले दो वर्षों में प्रत्येक में ईवी आयात दोगुना हो गया है।
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नेपाल विद्युत प्राधिकरण का अनुमान है कि ईवी के इस्तेमाल से तेल आयात लागत में सालाना 22 मिलियन अमरीकी डॉलर की कमी आई है, और बचत बढ़ रही है।

पिछले तीन दशकों में जलविद्युत परियोजनाओं के पूरा होने के साथ नेपाल में बिजली की पहुंच आसमान छू गई है। अब देश की तेजी से विस्तारित ग्रिड तक सिर्फ 6 प्रतिशत आबादी नहीं पहुंच पाती है। यह देश को ईवी अपनाने में अपने पड़ोसियों से आगे निकलने में सक्षम बना रहा है।

नेपाल में अब तक 2,600 मेगावाट बिजली उत्पादन करने की क्षमता है और यह नए जलविद्युत प्लांट के पूरा होने के साथ बढ़ रही है। बहुत कम मात्रा में बिजली सोलर प्लांट (सौर संयंत्रों) से भी पैदा होती है।

एक प्रमुख पर्यावरण और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता कनक मणि डिक्सिट ने कहा, "हमारी ग्रिड में बिजली जल विद्युत से आती है इसलिए यह स्वच्छ ऊर्जा है। और इसलिए नेपाल अपने वाहनों को चलाने के लिए बिजली का उपयोग करने के लिए आदर्श रूप से स्थित है, जैसा कि होना चाहिए, जो यह है कि ऊर्जा स्रोत खुद स्वच्छ है। यह कोयला, गैस या परमाणु या पेट्रोलियम नहीं है।"
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बिक्री पर आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। लेकिन चीनी वाहन निर्माता BYD की Atto 3 और भारतीय निर्माता टाटा मोटर्स की Nexon इलेक्ट्रिक यात्री कारों की बिक्री पर हावी नजर आती हैं।

नेपाल ने जलवायु परिवर्तनकारी उत्सर्जन को रोकने के लिए अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में ईवी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है। 2025 तक सभी ऑटो बिक्री के 25 प्रतिशत और 2030 तक 90 प्रतिशत तक ईवी बढ़ाने का वादा किया है।

बिक्री को ज्यादा बढ़ाने में मदद के लिए, सरकार आयातित ईवी पर कम शुल्क ले रही है, जो 25 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत तक है। गैस और डीजल से चलने वाले वाहनों पर आयात शुल्क 276 प्रतिशत से 329 प्रतिशत तक है।

नेपाल तेजी से चार्जिंग स्टेशन भी लगा रहा है। विद्युत वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास विभाग के प्रमुख सागर मणि घनवाली ने बताया कि नेपाल में अब 400 चार्जिंग स्टेशन हैं और यह संख्या एक साल के भीतर दोगुनी होने की उम्मीद है।
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