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Vehicle Theft: दिल्ली पुलिस ने पकड़ा अंतरराष्ट्रीय कार चोर गिरोह, दुबई से होता था हाई-टेक ऑपरेशन

Wed, 27 Aug 2025 09:21 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 27 Aug 2025 09:21 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने एक बड़े इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो लग्जरी गाड़ियों की चोरी में शामिल था। यह गैंग हाई-टेक तरीके से कारों की सिक्योरिटी सिस्टम को तोड़ता था। 

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Delhi Police Busts International Luxury Car Theft Racket Using Dubai Hacker and GPS Jammers
Car Theft - फोटो : Freepik

विस्तार

दिल्ली पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने एक बड़े इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो लग्जरी गाड़ियों की चोरी में शामिल था। यह गैंग हाई-टेक तरीके से कारों की सिक्योरिटी सिस्टम को तोड़ता था और इसमें दुबई से बैठा एक टेक्निकल एक्सपर्ट मदद करता था।
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गैंग का काम करने का तरीका
यह गैंग पहले टारगेट की गई लग्जरी कार जैसे एसयूवी या सेडान की पहचान करता था। फिर कार के पिछले शीशे पर लगे होलोग्राम स्टिकर का फोटो ले लिया जाता था, जिस पर गाड़ी का यूनिक सिक्योरिटी कोड होता है। यह फोटो तुरंत दुबई भेजा जाता था।
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वहां बैठा एक्सपर्ट उस कोड से कार का नया सिक्योरिटी कोड जेनरेट करता और वापस भारत भेज देता। फिर चोर कार का शीशा तोड़कर, मशीन के जरिए नया कोड डालते और गाड़ी स्टार्ट कर लेते।
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GPS जाम करने का हाई-टेक सिस्टम
गाड़ी स्टार्ट होते ही चोर तुरंत GPS (जीपीएस) जैमर का इस्तेमाल करते, जिससे गाड़ी की लोकेशन ट्रैक नहीं हो पाती थी। न गाड़ी मालिक को अलर्ट मिलता और न ही ट्रैकिंग सिस्टम एक्टिव हो पाता। इसके बाद वे आराम से गाड़ी लेकर निकल जाते।

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100 किलोमीटर लंबी पीछा करने की कार्रवाई
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी कामयाबी तब मिली, जब पुलिस ने 100 किलोमीटर तक तेजी से पीछा किया। और गिरोह के सरगना अमरीक सिंह (42), अमृतसर को मुरथल (हरियाणा) से पकड़ा। वह चोरी की टोयोटा फॉर्च्यूनर चला रहा था और पुलिस को टक्कर मारकर भागने की कोशिश कर रहा था।

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कई गाड़ियां बरामद
ACP (ऑप्स) सुलखा जागरवार और इंस्पेक्टर रघुवीर की टीम ने अमरीक सिंह को 2 महीने तक ट्रैक किया। इस दौरान रंजीत नगर से चोरी हुई इनोवा की शिकायत के आधार पर टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस से सुराग मिले। पुलिस ने उसके पास से कई चोरी की गाड़ियां बरामद कीं, जिनमें फॉर्च्यूनर, दो ह्यूंदै क्रेटा और एक किआ सेल्टोस शामिल हैं।

पेशेवर अपराधी का लंबा इतिहास
रिपोर्ट के मुताबिक, अमरीक सिंह पहले से ही एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वाहन चोरी, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा जैसे 9 पुराने केस दर्ज हैं। यहां तक कि कातिलाना हमले में भी उसका नाम आया है।

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हाई-टेक गैजेट्स का इस्तेमाल
पुलिस ने बताया कि यह गैंग काफी पेशेवर और संसाधन संपन्न था। चोरी के लिए वे जो जैमर इस्तेमाल करते थे, उनकी कीमत लगभग 1 लाख रुपये थी। सिक्योरिटी कोड डालने वाली प्रोग्रामिंग मशीन करीब 1.8 लाख रुपये की आती है। वहीं चाबी बनाने वाली मशीन भी लगभग 1 लाख रुपये की होती है।

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जांच जारी
फिलहाल यह केस सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस संभाल रही है और पूरे नेटवर्क - रिसीवर्स, हैंडलर्स और बाकी सहयोगियों को पकड़ने की कोशिश जारी है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे गैंग को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। और आरोपी को बीएनएस की धाराओं में गिरफ्तार किया गया।

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