फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Cyrus Mistry Death: people said when they do not used rear seat belt police never stop them

Cyrus Mistry Death: 91 फीसदी लोग बोले- पीछे की सीट बेल्ट न लगाने पर नहीं रोकती पुलिस, जोखिम की बताई ये वजह

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 06 Sep 2022 03:14 PM IST
सार

Cyrus Mistry Death: सड़क सुरक्षा पर काम कर रहे गैर-सरकारी संगठन 'सेव लाइफ फाउंडेशन' के संस्थापक पीयूष तिवारी ने कहा, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और बेंगलुरु में किए गए सर्वे में सामने आया है कि वहां 98.2 फीसदी लोग पिछली सीट पर लगी बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते...

विज्ञापन
Cyrus Mistry Death: people said when they do not used rear seat belt police never stop them
Cyrus Mistry Death- rear seat belt - फोटो : Sonu Kumar/Amar Ujala

विस्तार

अहमदाबाद-मुंबई हाइवे पर टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी कार, सूर्या नदी के पुल पर रोड डिवाइडर से टकरा गई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ड्राइविंग के दौरान कार में सीट बेल्ट न लगाने को गलत बताया है। उन्होंने कहा, कार में पीछे बैठे लोगों के लिए भी सीट बेल्ट लगाना उतना ही जरूरी है, जितना आगे की सीट पर बैठने वालों के लिए। कार की पिछली सीट पर बैठे सायरस मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी।

विज्ञापन


सड़क सुरक्षा पर काम कर रहे गैर-सरकारी संगठन 'सेव लाइफ फाउंडेशन' के संस्थापक पीयूष तिवारी ने कहा, देश में 91 फीसदी लोगों का मानना है कि जब वे पिछली सीट बेल्ट का उल्लंघन करते हैं, तो पुलिस उन्हें नहीं रोकती। सर्वे की रिपोर्ट में 37.8 फीसदी लोगों ने कहा, वे सोचते हैं कि यह जरूरी नहीं है। 23.9 फीसदी लोगों से बातचीत की गई तो वे बोले, उन्हें पिछली सीट बेल्ट के बारे में बहुत कम जानकारी है।

विज्ञापन

सात फीसदी लोगों ने पिछली सीट बेल्ट को लेकर कहा 'हां'

'सेव लाइफ फाउंडेशन' ने साल 2019 में सीट बेल्ट और चिल्ड्रन सिक्योरिटी को लेकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की थी। 2017 में 26896 लोग, सीट बेल्ट न लगाने की वजह से सड़क हादसे में मारे गए थे। सर्वे में शामिल 70.5 फीसदी लोगों ने कहा, उन्हें मालूम है कि गाड़ी में पिछली सीटों पर बेल्ट लगी है। जब पिछली सीट पर बैठे लोगों से सवाल किया गया कि क्या वे सीट बेल्ट लगाते हैं तो उनमें 7 फीसदी लोगों ने 'हां' में जवाब दिया। सीट बेल्ट न लगाने के पीछे दो मुख्य कारण निकलकर सामने आए हैं। एक, लोग समझते हैं कि ये जरूरी नहीं है। ऐसे लोगों का प्रतिशत 37.8 रहा है। 23.9 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्हें पिछली सीट पर लगी बेल्ट के बारे में बहुत कम जानकारी थी। 27.7 फीसदी लोगों ने कहा, उन्हें इस बाबत मालूम है कि मोटर वाहन अधिनियम में ऐसा प्रावधान है।

विज्ञापन
विज्ञापन


इन तीन शहरों में एक भी व्यक्ति नहीं लगाता सीट बेल्ट

इस बारे में जब अभिभावकों से पूछा गया तो 77 फीसदी ने कहा, उनके बच्चे पिछली सीट पर बिना सीट बेल्ट के ही बैठते हैं। मुंबई, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और बेंगलुरु में किए गए सर्वे में सामने आया है कि वहां 98.2 फीसदी लोग पिछली सीट पर लगी बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते। इसमें से कोलकाता, लखनऊ और जयपुर की बात करें तो वहां एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं मिला जो पिछली सीट पर बैठते हुए बेल्ट लगाता हो। अधिकांश लोगों का कहना था, पुलिस उन्हें इस बात के लिए कभी नहीं रोकती कि उन्होंने पिछली सीट पर बेल्ट नहीं लगाई है।

  • 11.2 फीसदी स्कूल/बस/वैन ड्राइवर ने बताया कि स्कूल बस/वैन में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगी है।
  • 15.1 फीसदी अभिभावकों ने कहा, स्कूल बस में सभी के लिए सीट बेल्ट थी।
  • 91.4 फीसदी लोगों ने कहा, वे महसूस करते हैं कि चाइल्ड रोड सेफ्टी के लिए एक मजबूत कानून का होना जरुरी है।
  • 20.1 फीसदी अभिभावकों ने चाइल्ड हेलमेट होने की बात कही
  • 92.8 फीसदी लोगों ने कहा, वे चाइल्ड हेलमेट के सुरक्षा पहलू से अवगत हैं।
  • 63.3 फीसदी बच्चों ने स्वीकार किया कि वे 9 साल से 14 साल के बीच यह सीखना शुरू कर देते हैं कि ड्राइविंग कैसे की जाती है।
  • साल 2017 में 9400 बच्चे, सड़क हादसों में मारे गए थे।


सर्वे में बच्चों (9-14, 11-17) के अलावा कई दूसरे टारगेट ग्रुप शामिल किए गए थे। इनमें पेरेंट्स (0-5, 6-9, 9-14, 11-17 आयु वर्ग के बच्चे), स्कूल अथॉरिटी, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट, सामान्य नागरिक व ड्राइवर (स्कूल बस, वैन, कैब) शामिल हैं।



पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति द्वारा बेल्ट न लगाने का कारण

  • 37.8 फीसदी लोगों ने कहा, वे सोचते हैं कि ये जरूरी नहीं है।
  • 23.9 फीसदी बोले, बहुत से लोग पिछली सीट बेल्ट के बारे में जागरूक नहीं हैं
  • 17.6 फीसदी लोगों ने कहा, इससे उन्हें असुविधा महसूस होती है।
  • 9.4 फीसदी लोग बोले, इससे कोई सुरक्षा नहीं होती
  • 8.7 फीसदी लोगों ने कहा, इसे बंद करना और खोलना मुश्किल है।
  • 8.4 फीसदी लोग बोले, वे पिछली सीट बेल्ट को इस्तेमाल करना नहीं जानते
  • 5.3 फीसदी लोगों ने कहा, पिछली सीट बेल्ट कवर के नीचे छिपी रहती है
  • 4.6 फीसदी लोग बोले, पिछली सीट बेल्ट उनके कपड़ों को खराब करती है, निशान छोड़ देती है।
  • 3.1 फीसदी लोगों ने कहा, बहुत सी कारों में पिछली सीट पर बेल्ट नहीं लगी होती
  • 1.9 फीसदी लोग बोले, कभी कभार ये सीट बेल्ट बहुत गंदी सी लगती है
  • 1.6 फीसदी लोगों ने कहा, हादसे की स्थिति में इस बेल्ट की वजह से यात्री के लिए बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है
  • 1.9 फीसदी लोग ऐसे थे, जिन्होंने अन्य तरह के कारणों का उल्लेख किया है

 

इस सर्वे में 1598 लोग शामिल थे। लखनऊ में 151, जयपुर में 152, गोवाहाटी में 205, दिल्ली-एनसीआर में 139, कोलकाता में 107, मुंबई में 154, चेन्नई में 166, पणजी में 151, बेंगलुरु में 149, पटना में 51 और कोच्चि में 173 लोगों की प्रतिक्रिया जानी गई है।

पिछली सीट बेल्ट पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया ...

कोच्चि में 100 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस उन्हें नहीं रोकती। जयपुर में 99.10 फीसदी लोगों ने यही जवाब दिया। बेंगलुरु में 97.50 फीसदी लोग बोले, पुलिस ने पिछली सीट को लेकर उन्हें कभी नहीं रोका। दिल्ली-एनसीआर के 3.30 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस रोक लेती है। लखनऊ में 4.50 फीसदी लोगों ने 'हां' में जवाब दिया। कोलकाता में 95.50 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस नहीं रोकती। पणजी में 6.20 फीसदी लोग बोले, पुलिस रोक लेती है। मुंबई में 92.10 फीसदी लोगों ने कहा, पिछली सीट न लगाने को लेकर पुलिस ने कभी नहीं रोका। चेन्नई में 9.10 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस इस बाबत पूछताछ कर लेती है। पटना में 20.40 फीसदी लोगों ने 'हां' में जवाब दिया है। गोवाहाटी में 34.70 फीसदी लोगों का जवाब 'हां' में आया है। अगर सभी शहरों के लोगों की बातचीत का निष्कर्ष निकालें तो 8.60 फीसदी लोगों ने कहा, पुलिस उन्हें पिछली सीट बेल्ट न लगाने को लेकर रोक लेती है, जबकि 91.40 फीसदी लोगों का जवाब था कि पुलिस ने कभी नहीं रोका।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed