फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   China excludes EVs in latest five year plan

EV: चीन अपने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग पर लगाएगा लगाम, ईवी सेक्टर को रणनीतिक उद्योगों की सूची से बाहर किया

Tue, 28 Oct 2025 08:28 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुयश पांडेय Updated Tue, 28 Oct 2025 08:28 PM IST
सार

चीन अब अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग पर थोड़ी लगाम लगाने जा रहा है। हाल ही में जारी की गई नई पांच वर्षीय विकास योजना में ईवी सेक्टर को रणनीतिक उद्योगों की सूची से बाहर कर दिया गया है।

विज्ञापन
China excludes EVs in latest five year plan
चीन ने ईवी सेक्टर को रणनीतिक उद्योगों की सूची से बाहर किया - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

विज्ञापन

दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार चीन अब अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग पर थोड़ी लगाम लगाने जा रहा है। हाल ही में जारी की गई 2026-2030 की नई पांच वर्षीय विकास योजना में ईवी सेक्टर को रणनीतिक उद्योगों की सूची से बाहर कर दिया गया है। यह पहली बार है जब चीन ने एक दशक से भी अधिक समय बाद इस क्षेत्र को प्राथमिकता से हटाया है।

ईवी उद्योग को नहीं मिला 'रणनीतिक' दर्जा

पिछली तीन पंच-वर्षीय योजनाओं में जिनमें इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड और फ्यूल सेल जैसे नए ऊर्जा वाहन (NEVs) शामिल हैं, रणनीतिक तौर पर उभरते उद्योगों में गिने गए थे। सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अरबों डॉलर की सब्सिडी दी थी जिससे चीन वैश्विक ईवी बाजार में अग्रणी बन गया। लेकिन अब सरकार का ध्यान क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, हाइड्रोजन एनर्जी और न्यूक्लियर फ्यूजन जैसे नए क्षेत्रों पर केंद्रित है।

विज्ञापन

ऑटोमोबाइल सेक्टर में खरीद बढ़ाने पर जोर

नई योजना में ऑटोमोबाइल सेक्टर को केवल 'आवास' के साथ उल्लेखित किया गया है। सरकार ने कहा है कि वाहन खरीद पर लगे प्रतिबंधों को हटाकर घरेलू खपत बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।योजना का पूरा दस्तावेज मार्च 2026 में संसद के आगामी सत्र के दौरान जारी होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

ईवी बाजार में ओवरसप्लाई और प्राइस वॉर की समस्या

पिछले कुछ वर्षों में चीन का ईवी उद्योग तेजी से बढ़ा, लेकिन अब यह ओवरसप्लाई, प्राइस वॉर और तीव्र प्रतिस्पर्धा जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। हफेई और शीआन जैसे कई प्रांत, जिनका पहले ऑटोमोबाइल निर्माण से कोई संबंध नहीं था अब ईवी हब बन चुके हैं। परिणामस्वरूप घरेलू बाजार संतृप्त हो गया है और दर्जनों ब्रांड सीमित मांग के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संदेश: जल्दबाजी से बचें

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई योजना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, "हम सभी को विवेकपूर्ण और यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, और नए उत्पादक क्षेत्रों में बिना सोचे-समझे निवेश से बचना चाहिए।" उन्होंने पहले भी सवाल उठाया था कि क्या हर प्रांत को एआई, कंप्यूटिंग पावर या ईवी जैसे उद्योगों में निवेश करने की आवश्यकता है।

निर्यात और व्यापारिक तनाव से भी दबाव

ईवी सेक्टर की चुनौतियां केवल घरेलू स्तर पर सीमित नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव ने चीन के वाहन निर्यात को भी प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब चीन सरकार ईवी पर अत्यधिक निर्भरता को घटाकर अन्य उभरती तकनीकों में निवेश बढ़ाना चाहती है।

विशेषज्ञों की राय: यह बदलाव एक 'रीसेट' है, रिट्रीट नहीं

नीति विशेषज्ञों के अनुसार, ईवी को सूची से हटाना इस सेक्टर से दूरी बनाना नहीं, बल्कि उद्योग का पुनर्संतुलन है। अब सरकार उन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहती है जो दीर्घकालिक आर्थिक विकास, वैज्ञानिक नवाचार और वैश्विक नेतृत्व को बढ़ावा दे सकें। फिलहाल, चीन की यह नई नीति वैश्विक ईवी उद्योग के लिए चेतावनी है कि टिकाऊ उत्पादन और समझदारीपूर्ण विस्तार ही भविष्य तय करेंगे। चीन की इस नई रणनीति से यह स्पष्ट है कि ईवी उद्योग अब परिपक्वता के चरण में प्रवेश कर चुका है। सरकार अब इस पर निर्भरता कम करते हुए क्वांटम, हाइड्रोजन और बायो-टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों को नया इंजन बनाना चाहती है। हालांकि, इसका असर वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन सप्लाई चेन और निवेश प्रवाह पर पड़ना तय माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed