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कैबिनेट की मंजूरी, फिर फर्राटा भरेगी स्कूटर्स इंडिया
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2013 04:33 PM IST
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सार्वजनिक क्षेत्र की बीमार इकाई स्कूटर्स इंडिया के पुनरोद्धार योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के निर्णय के मुताबिक लखनऊ स्थित इस कंपनी के लिए कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के रूप में 90.38 लाख रुपये डाला जाएगा। इसके अलावा, 111.58 करोड़ रुपये के कर्ज व ब्याज माफी के साथ केंद्र सरकार के कर्ज का रूपांतरण कर वित्तीय पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है।
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दूसरी ओर, स्कूटर्स इंडिया के करीब 1,200 कर्मचारियों को राहत देते हुए 2007 का वेतनमान देने और सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने का निर्णय भी कैबिनेट ने लिया है। ऐसा सार्वजनिक उपक्रम विभाग के दिशानिर्देश के अनुसार किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पुनरोद्धार योजना से स्कूटर्स इंडिया की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होने के साथ इसकी उत्पादकता और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे कंपनी सरकारी खजाने को बढ़ाने में भी सहायक होगी।
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गौरतलब है कि 2011 में कैबिनेट ने स्कूटर्स इंडिया से सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। स्कूटर्स इंडिया से अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना के बाद कंपनी के कायाकल्प के लिए सुधार पैकेज देने पर विचार किया जा रहा था। वर्ष 2002-03 से घाटे में चल रही इस कंपनी को 2009 में बीमार घोषित किया गया।
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देश में विजय सुपर के नाम से स्कूटर्स इंडिया ने पहले पहल स्कूटर तैयार करना शुरू किया था। बाद में कंपनी ने विक्रम ब्रांड से तिपहिया वाहन तैयार करने के लिए करार किया और 1997 में स्कूटर्स इंडिया ने दोपहिया वाहन तैयार करना बंद कर दिया। फिलहाल कंपनी तिपहिया वाहन के मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग में लगी हुई है।