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Bengaluru-Chennai Expressway: यह एक्सप्रेसवे बंगलूरू-चेन्नई के बीच यात्रा के समय को घटकर कर देगा सिर्फ दो घंटे
Fri, 12 Jul 2024 02:47 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 12 Jul 2024 02:47 PM IST
सार
रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, 262 किलोमीटर लंबा बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे (बीसीई) नजदीकी भविष्य में पूरा होने वाला है।
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Expressway
- फोटो : X/@PMOIndia
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विस्तार
रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, 262 किलोमीटर लंबा बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे (बीसीई) नजदीकी भविष्य में पूरा होने वाला है। यह बंगलूरू-चेन्नई के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर देगा। यह नया रूट, जिसे आधिकारिक रूप से NE-7 के नाम से जाना जाता है, यात्रा के समय को घटाकर सिर्फ दो से ढाई घंटे कर देगा। जिसमें इस समय करीब सात से आठ घंटे लगते हैं।
इसके साथ ही, यह एक्सप्रेसवे बंगलूरू और चेन्नई के बीच की दूरी को 80 किमी कम कर देगा। और वाहनों को 120 किमी/घंटा की अनुमति दी गई रफ्तार के साथ, यह दक्षता और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देगा।
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इसके साथ ही, यह एक्सप्रेसवे बंगलूरू और चेन्नई के बीच की दूरी को 80 किमी कम कर देगा। और वाहनों को 120 किमी/घंटा की अनुमति दी गई रफ्तार के साथ, यह दक्षता और सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देगा।
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एलान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर 2024 से पहले एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। शुरुआत में, अनुमानित पूरा होने की तारीख मार्च 2024 थी। 17,930 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बन रहा यह एक्सप्रेसवे तीन राज्यों - कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा।
इस एक्सप्रेसवे के रूट में होसकोटे, मालूर, बंगारपेट, कोलार गोल्ड फील्ड्स, पलमनेर, वेंकटगिरिकोटा, चित्तूर, बंगारुपलेम, रानीपेट और श्रीपेरंबुदूर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
इस एक्सप्रेसवे के रूट में होसकोटे, मालूर, बंगारपेट, कोलार गोल्ड फील्ड्स, पलमनेर, वेंकटगिरिकोटा, चित्तूर, बंगारुपलेम, रानीपेट और श्रीपेरंबुदूर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे में 240 किमी के लिए आठ-लेन वाला हाईवे और 22 किमी का एलिवेटेड हिस्सा है। इसमें एक खास खंड चेन्नई बंदरगाह को मदुरावॉयल से जोड़ने वाला 21 किमी का चार-लेन डबल-डेकर एलिवेटेड रोड है। जिसे लगभग 5,850 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इस खंड को चेन्नई बंदरगाह से आने-जाने वाले सामानों के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। जो इस क्षेत्र के आर्थिक बुनिया ढांचे को मजबूत करेगा।
बीसीई के अलावा, इस क्षेत्र को अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से भी फायदा होगा। जिसमें नेरलुरु से धर्मपुरी (NH-844) तक 94 किमी लंबा राजमार्ग शामिल है। जो लगभग 3,870 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। और मींसूरुटी को चिदंबरम (NH-277) से जोड़ने वाला 31 किमी का दो-लेन वाला राजमार्ग, जो लगभग 720 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इस क्षेत्र में संपर्क क्षमता को बढ़ाएगा और निरंतर यात्रा को सुगम बनाएगा।
इस समय, बंगलूरू और चेन्नई के बीच तीन प्राथमिक रूट हैं: ओल्ड मद्रास रोड, होसुर और कृष्णागिरी/स्वर्ण चतुर्भुज के रास्ते, और एक तीसरा रूट जो कोलार-केजीएफ-कोटा और वेल्लोर से होकर जाता है। इनमें से, लगभग 380 किमी लंबा स्वर्ण चतुर्भुज मार्ग सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।
भारतमाला परियोजना कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बीसीई के निर्माण का निरीक्षण कर रहा है। इस परिवर्तनकारी एक्सप्रेसवे की आधारशिला मई 2022 में पीएम मोदी ने रखी थी। जिसका शुरुआती बजट 14,870 करोड़ रुपये से ज्यादा था।
एक बार बन जाने के बाद, बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा के समय को कम करेगा। बल्कि क्षेत्रीय संपर्क को भी काफी बढ़ाएगा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और इन दो जीवंत शहरों के बीच समग्र यात्रा के अनुभव में इजाफा करेगा।