ड्राइविंग लाइसेंस समेत गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ी, नहीं लगेगी लेट फीस
- इससे पहले सरकार ने 25 मई को मोटर वाहन अधिनियमों के तहत विभिन्न दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों की वैधता की तारीख 31 जुलाई तक बढ़ाई थी
- फैसले के तहत एक फरवरी से नवीकरण में देरी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या लेट फीस नहीं ली जाएगी
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कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने फैसला किया है कि मोटर वाहन संबंधी दस्तावेजों की वैधता अवधि को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया जाए। सरकार ने इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर दी है।
30 सितंबर तक नवीनीकरण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता तिथि को आगे बढ़ाने की घोषणा की। अगर इस दौरान वाहनों के फिटनेस, परमिट, रजिस्ट्रेशन संबंधी दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो रही हो या खत्म हो गई हो, तो वे 30 सितंबर तक नवीनीकरण करवा सकते हैं। वहीं जिन लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता इस दौरान समाप्त हो रही है, वे भी 30 सितंबर तक नवीनीकरण करवा सकेंगे।
तीसरी बार सरकार ने ये कदम उठाया
लॉकडाउन के दौरान सरकार पहले भी दो बार वैधता अवधि बढ़ाने का एलान कर चुकी है। वहीं यह अब तीसरी बार सरकार ने ये कदम उठाया है। इससे पहले सरकार ने वैधता 30 जून तक बढ़ा दी थी, लेकिन कई राज्यों में 30 जून तक लॉकडाउन जारी है। पिछले महीने, मंत्रालय ने कहा ता कि 1 फरवरी से लंबित दस्तावेजों के सत्यापन में देरी के लिए कोई अतिरिक्त या विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कोई लेट फीस नहीं लगेगी
मंत्रालय ने एकक वैधानिक आदेश जारी कर कहा था कि कोविड 19 के दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए 1 फरवरी, 2020 या उसके बाद के दस्तावेजों के नवीनीकरण के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अगर 1 फरवरी, 2020 से शुल्क का भुगतान करने में देरी हो रही है, तो 31 जुलाई, 2020 लॉकडाउन खत्म होने तक ऐसी देरी के लिए कोई अतिरिक्त या विलंब शुल्क नहीं लगेगा।
एमवी एक्ट के नियम 32 के तहत फैसला
मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 21 मई 2020 को एक गजट अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 32 या नियम 81 के तहत 31 जुलाई, 2020 तक की फीस वैधता या अतिरिक्त शुल्क में छूट दी गई थी। वहीं अब मंत्रालय ने संक्रमण को देखते हुए राज्य को मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत उपलब्ध प्रावधानों या अन्य अधिनियमों के तहत परमिट/जुर्माना आदि के लिए शुल्क या करों में राहत देने का अनुरोध किया गया है।