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गडकरी का सुझाव: टेस्ला चीन में बनी ई-कार न बेचे, भारत में शुरू करे उत्पादन
Sat, 09 Oct 2021 02:29 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 09 Oct 2021 02:29 AM IST
सार
टेस्ला की ओर से भारत में ई-वाहनों पर आयात शुल्क घटाने की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप (टेस्ला) जो भी मदद चाहते हैं, हमारी सरकार देगी।
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नितिन गडकरी
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी कंपनी टेस्ला चीन में बनी अपनी इलेक्ट्रिक कारें भारत में न बेचे बल्कि यहीं उत्पादन शुरू करे।
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उन्होंने कहा कि टेस्ला से भारत में अपने प्रसिद्ध ई-वाहन बनाने के लिए कई बार कहा गया है। उन्हें सरकार की ओर से हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया गया है। इसके बावजूद अभी उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है।
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गडकरी ने कहा कि टाटा मोटर्स की ई-कारें टेस्ला की कारों से कम अच्छी नहीं हैं। इसलिए मैंने टेस्ला से कहा है कि वह चीन में बनी अपनी ई-कारें भारत में न बेचे। कंपनी को भारत में ई-कारें बनानी चाहिए और यहीं से निर्यात भी करना चाहिए।
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टेस्ला की ओर से भारत में ई-वाहनों पर आयात शुल्क घटाने की मांग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप (टेस्ला) जो भी मदद चाहते हैं, हमारी सरकार देगी। टेस्ला की कर रियायतों से जुड़ी मांग को लेकर अब भी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत चल रही है।
2030 तक 30 फीसदी होगी ई-कारों की हिस्सेदारी
उद्योग मंडल फिक्की के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि सरकार परिवहन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए 2030 तक निजी कारों में ई-कारों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 30 फीसदी करना चाहती है। वाणिज्यिक वाहनों में यह हिस्सेदारी बढ़ाकर 70 फीसदी और दोपहिया-तिपहिया वाहनों में 80 फीसदी करने का इरादा है।
उन्होंने कहा कि ई-वाहन बिक्री 2030 तक दोपहिया एवं कार सेगमेंट में 40 फीसदी और बसों के लिए 100 फीसदी पहुंच जाती है तो भारत के कच्चे तेल की खपत में 15.6 करोड़ टन की कमी आ सकती है। इसका मूल्य 3.5 लाख करोड़ रुपये है।