इन 24 ट्रैफिक नियमों के नए जुर्माने पर मचा है बवाल, मनमर्जी से राशि घटा रहे हैं मुख्यमंत्री
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24 ट्रैफिक नियमों का बदला जुर्माना
वहीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने साफ कह दिया है कि उनके यहां पर संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू ही नहीं होगा। इसी तरह से कई दूसरे मुख्यमंत्री भी मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को मानने से इन्कार कर रहे हैं। सड़क सुरक्षा के जानकारों के मुताबिक 24 ऐसे ट्रैफिक उल्लंघन हैं, जिनकी जुर्माना राशि को राज्य सरकारें खत्म कर रही हैं या उन्हें घटा रही हैं। ये सभी उल्लंघन ऐसे हैं, जिनका जुर्माना एमवी एक्ट 1988 की तुलना में 2019 के संशोधित कानून के तहत कई गुना बढ़ा दिया गया है।
सभी राज्यों से मांगे थे सुझाव
सड़क सुरक्षा पर काम कर रहे सेव लाइफ फाउंडेशन के सीईओ पीयूष तिवारी का कहना है कि नए एक्ट में जो भी सख्त प्रावधान किए गए हैं, उनके बारे में विचार विमर्श की एक लंबी प्रक्रिया चली थी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। उसके बाद सभी राज्यों से सुझाव मांगे गए। संसद के दोनों सदनों में चर्चा हुई। बिल को गहन चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया। सभी पक्षों की सहमति मिलने के बाद ही संसद में मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम पास हुआ था।
कमजोर कर रहे कानून
तिवारी के मुताबिक, अब कई राज्य अपने राजनीतिक मकसद के चलते इस कानून को मानने से इंकार कर रहे हैं। हालांकि पब्लिक में भारी जुर्माने को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं है, लेकिन एक के बाद एक मुख्यमंत्री इस कानून को कमजोर करने का ऐलान करते जा रहे हैं। ये सभी राज्य 24 संयोजनीय यानी कंपाउंडेबल ट्रैफिक उल्लंघन के जुर्माने को खत्म कर रहे हैं या उसे घटाने में लगे हैं। गुजरात में ट्रैफ़िक के कई उल्लंघनों का जुर्माना तो एमवी एक्ट 1988 के प्रावधानों से भी कम कर दिया गया है।| 24 संयोजनीय ट्रैफिक उल्लंघन, जिनकी जुर्माना राशि पर हैं राज्यों को ऐतराज... | ||
| ट्रैफिक उल्लंघन | एमवी एक्ट 1988 में जुर्माना (रुपये) | एमवी एक्ट संशोधित 2019 में जुर्माना (रुपये)
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| सामान्य उल्लंघन | 100 से 300 | 500 से 1500 |
| बिना टिकट यात्रा | 200 | 500 |
| अथॉरिटी के आदेश न मानना | 500 | 2000 |
| बिना डीएल गाडी का इस्तेमाल
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1000 | 5000 |
| बिना डीएल वाहन चलाना | 500 | 5000
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| अयोग्य ठहराने के बावजूद ड्राइविंग | 500 | 10000
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| वाहन की बनावट बाबत | 1000 से 5000 | 1 लाख से 100 करोड़
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| गलत फिटनेस सर्टिफिकेट
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कुछ नहीं | 5000-10000 |
| ओवर स्पीड | 400 | 1000 से 4000
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| खतरनाक ड्राइविंग | 1000 | 1000 से 5000, जेल
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| ड्राइविंग सीट पर अनफिट व्यक्ति | 200 से 500 | 1000 से 2000
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| स्पीडिंग रेसिंग
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500 | 5000 |
| असुरक्षित वाहन का इस्तेमाल | 1000 से 2000 | 10000
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| बिना आरसी गाड़ी चलाना
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5000 से 10000 | कोई बदलाव नहीं |
| बिना परमिट | 5000 | 10000
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| तय सीमा से ज्यादा वजन | 2000 | 20000
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| ओवरलोडिंग पैसेंजर- | नया प्रावधान | 200 रुपये प्रति यात्री
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| दुपहिया पर ओवरलोडिंग | 100 | 1000, 3 माह तक डीएल सस्पेंड
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| सीट बेल्ट
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100 | 1000 |
| बिना हेलमेट | 100 | 1000 व 3 माह डीएल सस्पेंड
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| इमरजेंसी वाहन को साइड न देना | नया | 10000, 6 माह की सजा
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| साइलेंस जोन में हॉर्न का इस्तेमाल
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नया | 1000 से 2000 |
| बिना इंश्योरेंस ड्राइविंग | 1000 | 2000, 3 माह सजा
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| वाहन के साथ अनाधिकृत दखलंदाजी | 100 | 1000
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गुजरात सरकार के ये नए नियम 16 सितंबर से लागू होंगे
- डाक्यूमेंट नहीं तो 500 रुपये
- अनाधिकृत पार्किंग 500 रुपये
- टिंटेड ग्लास 500 रुपये
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल 500 रुपये
- बिना हेलमेट 500 रुपये
- बिना सीट बेल्ट 500 रुपये
- दुपहिया वाहन पर तीन सवारी 100 रुपये
- खतरनाक ड्राइविंग, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 1500, 3000 व 5000 रुपये
- ओवर स्पीड 1500, 2000, 4000 रुपये
- बिना डीएल ड्राइविंग 2000 व 3000 रुपये
- बिना आरसी ड्राइविंग 1000, 2000, 3000, 5000 रुपये
- बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के ड्राइविंग 200 रुपये
- पॉल्यूशन फैला रहे वाहन 1000 से 3000 रुपये
- गाड़ी से बाहर कोई सामान निकला है 1000 से 4000 रुपये
- सार्वजनिक स्थान पर रेस 5000 रुपये
- आपातकालीन वाहनों को जगह न देना 1000 रुपये