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कोरोना की वजह से बढ़ी सेकेंड हैंड कारों की मांग, सेडान की चाहत सबसे ज्यादा : रिपोर्ट
Thu, 23 Jul 2020 07:32 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 23 Jul 2020 07:32 PM IST
सार
- सर्वेक्षण में शामिल 55 फीसदी लोगों का कहना था कि वे भविष्य में अपनी निजी कार से सफर करना चाहेंगे।
- सेकेंड हैंड वाहनों की मांग बढ़ने की एकमात्र वजह साफ-सफाई को लेकर चिंता ही नहीं है, बल्कि अब लोगों का निजी वाहन खरीदने का बजट भी कम हो गया है।
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Second Hand Car
- फोटो : For Reference Only
विस्तार
पुरानी या सेकेंड हैंड पैसेंजर कारों के बाजार में तेजी से सुधार हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अप्रैल-जुलाई की अवधि में पुरानी कारों के बाजार में बढो़तरी दर्ज की गई है। वहीं इस महीने ऐसे वाहनों की मांग फरवरी की तुलना में 25 फीसदी बढ़ी है।
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पुराने सामानों की बिक्री के उपभोक्ता-से-उपभोक्ता मार्केटप्लेस OLX (ओएलएक्स) के अनुसार जुलाई में पुरानी कारों में सबसे अधिक मांग सेडान कार की रही है। उसके बाद एसयूवी और हैचबैक का नंबर आता है।
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ओएलएक्स के ‘ऑटो नोट’ के चौथे संस्करण में कहा गया है कि जहां तक उपभोक्ता धारणा की बात है। इस सर्वेक्षण में 55 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अगले छह माह में अपने निजी वाहन के इस्तेमाल की योजना बना रहे हैं। इस मांग में गैर-महानगरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सेकेंड हैंड वाहनों की मांग बढ़ने की एकमात्र वजह साफ-सफाई को लेकर चिंता ही नहीं है, बल्कि अब लोगों का निजी वाहन खरीदने का बजट भी कम हो गया है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार मात्रा के हिसाब से पुरानी कारों का बाजार नई कारों की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा है।
रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि अब साफ-सफाई की चिंता की वजह से कैब सेवाओं सहित सार्वजनिक परिवहन को लेकर प्राथमिकता घटी है। सर्वेक्षण में शामिल 55 फीसदी लोगों का कहना था कि वे भविष्य में अपनी निजी कार से सफर करना चाहेंगे। कोविड-19 से पहले ऐसा कहने वालों की संख्या 48 फीसदी थी।
ओएलएक्स ने कहा कि वाहन बाजार अब सुधार की राह पर है। सर्वेक्षण में शामिल 56 फीसदी लोगों ने अगले तीन से छह माह में कार खरीदने की बात कही।
सर्वेक्षण के अनुसार, अब लोगों की प्राथमिकता में बदलाव आया है। वे प्रवेश स्तर के मॉडल खरीदना चाहते हैं। 72 फीसदी लोगों ने कोविड-19 की वजह से अपने कार खरीदने के बजट में कटौती की है। नई कार के लिए 39 फीसदी लोगों का बजट तीन लाख रुपये से कम है। वहीं 24 फीसदी का बजट चार से सात लाख रुपये है।
सर्वेक्षण के अनुसार, अब लोगों की प्राथमिकता में बदलाव आया है। वे प्रवेश स्तर के मॉडल खरीदना चाहते हैं। 72 फीसदी लोगों ने कोविड-19 की वजह से अपने कार खरीदने के बजट में कटौती की है। नई कार के लिए 39 फीसदी लोगों का बजट तीन लाख रुपये से कम है। वहीं 24 फीसदी का बजट चार से सात लाख रुपये है।
पुरानी कारों के लिए 50 फीसदी लोगों का बजट तीन लाख रुपये से कम है। वहीं 20 फीसदी का बजट चार से सात लाख रुपये है।
ओएलएक्स और ओएलएक्स कैशमाईकार ने यह सर्वेक्षण अप्रैल-जून के दौरान किया। इसमें 3,800 लोगों के विचार लिए गए।
ओएलएक्स और ओएलएक्स कैशमाईकार ने यह सर्वेक्षण अप्रैल-जून के दौरान किया। इसमें 3,800 लोगों के विचार लिए गए।