फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   Re-registration of vehicles will be costly, the government may be increase fitness certification fees

पुराने वाहनों का फिर से रजिस्ट्रेशन कराना होगा महंगा, सरकार करने जा रही है फिटनेस सर्टिफिकेशन फीस में बढ़ोतरी

Wed, 03 Feb 2021 12:24 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 03 Feb 2021 12:24 PM IST
सार

वित्त मंत्री के मुताबिक स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय जल्द ही गाइडलाइन जारी करेगा। इसके तहत 20 साल पुराने निजी और 15 साल पुराने कमर्शियल वाहन स्वचलित केंद्रों में फिटनेस के लिए गुजरना होगा...

विज्ञापन
Re-registration of vehicles will be costly, the government may be increase fitness certification fees
HSRP - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति का एलान किया है। जिसके तहत 20 साल तक पुराने और अनफिट वाहनों को कबाड़ में बदला जा सकेगा। वहीं सरकार पुराने वाहनों पर सड़क पर चलने से रोकने के लिए निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण और कमर्शियल वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेशन फीस में बढ़ोतरी कर सकती है।

विज्ञापन

शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वाहन कबाड़ नीति का ही हिस्सा है, जिसे इस साल 2020 के बजट में एलान किया गया है। सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुराने वाहनों को सड़क से हटाने के लिए स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति का एलान किया था। वित्त मंत्री का कहना था कि इस कदम से फ्यूल एफिशियंट, पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी, जिससे वाहनों के प्रदूषण और तेल आयात बिल में कमी आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

वित्त मंत्री के मुताबिक स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति को लेकर देश का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय जल्द ही गाइडलाइन जारी करेगा। वाहन कबाड़ नीति के तहत 20 साल पुराने निजी और 15 साल पुराने कमर्शियल वाहन स्वचलित केंद्रों में फिटनेस के लिए गुजरना होगा। सूत्रों का कहना है कि री-रजिस्ट्रेशन और फिटनेस सर्टिफिकेशन फीस में बढ़ोतरी निजी और व्यावसायिक वाहनों के लिए लागू होगी। वहीं यह बढ़ोतरी हर कैटेगरी के वाहनों के लिए अलग-अलग होगी। मीडियम से हैवी कमर्शियल व्हीकल्स को ज्यादा बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सरकार में अलग-अलग स्लैब बनाने को लेकर मंथन जारी है।

विज्ञापन

नई वाहन कबाड़ नीति के मुताबिक 15 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों (कमर्शियल व्हीकल) को स्क्रैप किया जाएगा यानी उन्हें सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं होगी। जबकि निजी वाहन (पर्सनल व्हीकल) के लिए इस अवधि को 20 वर्ष तय किया गया है। यानी अब पुराने वाहनों को 20 साल बाद स्क्रैप किया जा सकेगा। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर बनाए जाएंगे जहां इन वाहनों को ले जाना होगा। निजी वाहनों को 20 साल बाद और कमर्शियल वाहनों को 15 साल बाद इन ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर पर ले जाना होगा।  

गौरतलब है कि जुलाई 2019 में वाहन कबाड़ नीति को शामिल करने को लेकर मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन किया गया था। इसके तहत पुराने वाहनों को सड़क से हटाने और नए सुरक्षित और कम प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति बनाई गई थी।

जुर्माने के तौर पर 10 गुना बढ़ेगा पुनर्पंजीकरण शुल्क
20 साल से पुराने वाहन चलाने पर सरकार भारी जुर्माना लगा सकती है। ऐसे ग्राहकों को फिटनेस शुल्क व ग्रीन टैक्स देना होगा। ग्रीन टैक्स रोड टैक्स का 10-25 प्रतिशत व पुनर्पंजीकरण शुल्क 10 गुना बढ़ सकता है। नीति लागू करने का जिम्मा राज्यों का होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed