देश में ऑटो सेक्टर पर छाया मंदी का कहर, 15 हजार लोगों ने गंवा दी नौकरी
ऑटोमोबाइल सेक्टर में वाहनों की गिरती बिक्री का सिलसिला पिछले नौ महीनों से लगातार जारी है। इस साल जुलाई में वाहनों की बिक्री में पिछले 19 साल में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। SIAM के आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में कुल वाहनों की बिक्री में 18.71 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
राहत पैकेज की गुहार
सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि यदि मंदी का दौर आगे भी जारी रहा, तो इसका असर देश की जीडीपी पर भी पड़ेगा। ऐसे में ऑटो उद्योग को वापस पटरी पर लाने और बिक्री में आ रही गिरावट को रोकने के लिए राहत पैकेज की बहुत जरूरत है। स्थिति में सुधार के लिए उद्योग ने जीएसटी दरों को भी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी पर करने की मांग की है। वहीं बिक्री को बढ़ाने के लिए ऑटो सेक्टर भी कई दूसरे उपायों पर भी काम कर रहा है।
घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री घटी
सियाम के मुताबिक नौ महीनों से लगातार घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में गिरावट देखने को मिल रही है। इस साल जुलाई महीने में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 30.9 फीसदी गिरी है और यही वजह से कि बड़े पैमाने पर लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
दोपहिया वाहनों की बिक्री गिरी
इस साल जुलाई महीने में दोपहिया वाहनों की बिक्री 16.82 फीसदी गिरकर 15,11,692 यूनिट्स रह गई। जबकि बीते साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 18,17,406 यूनिट्स का रहा था। इसके अलावा जुलाई में ही 20,0790 पैसेंजर कारों की बिक्री हुई। जबकि बीते साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 29,0930 यूनिट्स का था। इतना ही नहीं इस साल जुलाई महीने में हेवी, मीडियम और लाइट कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री भी 25.71 फीसदी कम हुई।